अब ना केवल लंबी दूरी बल्कि कम दूरी की ट्रेनें भी सुविधायुक्त होंगी। कम दूरी की ट्रेनों में भी आप आराम से लेट कर यात्रा कर सकेंगे। बैठने के लिए भी शताब्दी ट्रेन की तरह ही चेयर कार की सुविधा होगी।
रेलवे मंत्रालय ने आधुनिक इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट (ईएमयू) ट्रेन चलाने की योजना बनाई है।
नयी ईएमयू ट्रेन को आरामदायक सफर कराने के लिहाज से तैयार किया जा रहा है। कम दूरी की इस ट्रेन में थकान महसूस नहीं हो इसके लिए स्पेशल कोच की डिजाइन की जा रही है। आम तौर पर लंबी दूरी की ट्रेन में ही स्लीपर कोच होते है, लेकिन नये ईएमयू ट्रेन में भी स्लीपर कोच जैसा ही तैयार किया जाएगा। इतना ही शताब्दी ट्रेन की तर्ज पर चेयर कार वाले कोच भी तैयार होंगे।
रेलवे का दावा है कि इन ट्रेन सेटो से यात्रा समय में कमी आएगी और इनका यात्रा अनुभव भी बेहतर होगा। रेलवे मंत्रालय के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार जल्द ही 15 ऐसी ट्रेनें अति व्यस्त रूटों पर चला कर पॉयलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
कम दूरी की ट्रेन जिसे हर दस मिनट पर एक हॉल्ट या स्टेशन पर रूकती है, इस तरह की रूट पर ईएमयू ट्रेन चलाना फायदेमंद होगा क्योंकि यह ट्रेन तुरंत रफ्तार पकड़ लेते है। जबकि लोको को 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार पकडने के लिए 6 मिनट तक का वक्त लग जाते है।
ईएमयू ट्रेन चलने से औसत रफ्तार के साथ ट्रेन चलाई जा सकती है। जबकि पैसेंजर ट्रेन की बात करें तो इसकी औसत स्पीड 30 किलोमीटर प्रतिघंटे ही होती है। स्पीड बढ़ाने के लिए रेलवे कई पैसेंजर ट्रेन को मेनलाइन इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट (मेमू) में भी बदल रहा है। अभी तक आधा दर्जन लोको ट्रेन को मेमू में बदला गया है।
रेलवे अधकिकारियों के अनुसार नई दिल्ली-लखनऊ-इलाहाबाद-वाराणी, कानपुर-गाजियाबाद के बीच इनमें से कुछ ट्रेनें चलाई जाएंगी। इस रूट पर सबसे अधिक ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है।