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स्पेन आखिर कैसे बना दुनिया का सबसे स्वस्थ देश, भारत की स्थिति में सुधार की जरूरत

Mon, 15 Apr 2019 07:25 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
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सांकेतिक चित्र - फोटो : Social Media
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भारत में जहां हर साल हजारों बच्चों की कुपोषण के कारण मौत हो जाती है वहीं कई बच्चे ऐसे भी होते हैं जो उचित पोषण आहार न मिलने से अविकसित रह जाते हैं। इसके उलट यूरोपीय देश स्पेन को दुनिया का सबसे स्वस्थ देश घोषित किया गया है। 

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हाल में ही जारी हुई एक रिपोर्ट के अनुसार स्पेन दुनिया का सबसे स्वस्थ देश है। इसका कारण वहां के लोगों के खानपान की आदत को माना गया है। 169 देशों की इस लिस्ट में स्पेन शीर्ष पर है। 

स्पेन के लोग खाने में कम वसा व कार्बोहाइड्रेट के साथ जैतून का तेल प्रयोग करते हैं जिससे लोगों को दिल से जुड़ी बीमारियां कम होती हैं। इसके अलावा यहां के लोग खाने में ब्रेड, फल और हरी सब्जियां, छिलके वाले आलू, चावल, साबुत अनाज, सूखे मेवे का ज्यादा प्रयोग करते हैं। 
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वहीं इस लिस्ट में 16वें स्थान पर कनाडा और 35वें स्थान पर अमेरिका काबिज है। इन दोनों देशों में ड्रग्स सबसे बड़ी समस्या बनकर उभर रहे हैं। जिससे हर साल हजारों लोगों की जान जा रही है।

रिपोर्ट में अच्छा नहीं है भारत का स्थान

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
इस रिपोर्ट में भारत की स्थिति अच्छी नहीं है। 169 देशों की सूची में भारत 120वें स्थान पर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारतीयों की औसत आयु 67.4 साल है। वहीं, दुनिया का सबसे स्वस्थ देश स्पेन के नागरिकों की औसत आयु 82.28 साल है। 

एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2.55 करेाड़ बच्चे अपनी उम्र के हिसाब से कम वजन की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं 4.66 करोड़ बच्चे उचित पोषण आहार के अभाव में ठीक से विकास नहीं कर पाते। 

स्वास्थ्य पर प्रति व्यक्ति भारत सरकार इतना कर रही खर्च

स्वास्थ्य मंत्रालय की नेशनल हेल्थ प्रोफाइल की रिपोर्ट के अनुसार 2017-18 में प्रति व्यक्ति के स्वास्थ्य पर 1657 रुपए खर्च किए गए। प्रतिदिन के हिसाब से यह आंकड़ा देखा जाए तो सरकार द्वारा खर्च किए जाने वाली राशि 4.50 रुपए बनती है। वहीं स्पेन की बात करें तो ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट की रिपोर्ट के अनुसार स्पेन सरकार हर साल प्रति व्यक्ति के स्वास्थ्य पर लगभग 2.33 लाख रुपये खर्च कर रही थी।

जानिए मैडेटेरेनियन डाइट के बारे में

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
जो लोग समुद्र तटीय इलाकों के पास रहते हैं, वे मैडेटेरेनियन डाइट लेते हैं। इसमें सी- फूड के अलावा साबूत अनाज शामिल होता है। यहां रहने वाले लोग अपने खाने में कार्बोहाइड्रेट कम मात्रा में जबकि प्रोटीन ज्यादा मात्रा में लेते हैं। इसके अलावा इनके खाने में मछलियां और हरी सब्जियां ज्यादा शामिल होती हैं।

भारत में और भी समस्याएं

भारत विशाल देश है। इसलिए यहां रहने वाले सभी लोगों को मेडेटेरेनियन डाइट मिलना बहुत मुश्किल है। दक्षिण भारत के लोग तो सी फूड ले सकते हैं लेकिन उत्तर भारत में इसके पहुंच को लेकर समस्या हो सकती है। हमारे यहां खाने में मसालों को प्राथमिकता दी जाती है। खाने में जंक फूट का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। लोगों के खानपान की दिनचर्या भी सही नहीं है।

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आपके लिए क्यों जरूरी है जानना

स्वास्थ मानव की मूलभूत आवश्यक्ताओं में शामिल है। लेकिन, भारत में स्वास्थ की स्थिति बहुत ही गंभीर है। कई बार समुचित इलाज न मिलने के कारण मरीज की मौत हो जाती है। इसके अलावा बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ की स्थिति भी भारत में खराब है। इसे सुधारने के लिए सरकार द्वारा भी बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है। अगर आप इस न्यूज से संबंधित कुछ और जानना चाहते हैं तो हमको बताएं, हम वो खबरें भी आपके सामने रखेंगे। 

कृपया हमारी खबरों पर अपना फीडबैक नीचे कमेंट सेक्शन में जरूर दें और बताएं कि स्वास्थ से जुड़ी कौन सी खबर आप पढ़ना चाहते हैं। हम आपके फीडबैक के अनुसार खबरों को प्रस्तुत करेंगे।

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