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भाजपा में शामिल नाराज दलबदलू नेताओं पर सपा की निगाहें

Thu, 19 Jan 2017 04:25 AM IST
हिमांशु मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटो
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पाला बदल कर भाजपा में शामिल होने और यहां मनमाफिक सीटें हासिल करने में नाकाम रहे नेताओं पर अब सपा ने डोरे डालने शुरू कर दिए हैं। सपा की निगाहें राज्य में भाजपा की सहयोगी पार्टियों पर भी है। इस क्रम में सपा ने बसपा छोड़ कर भाजपा का दामन थामने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य और राजा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओमप्रकाश राजभर से भी संपर्क साधा है। 
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दरअसल भाजपा की ओर से महज 4 सीट दिए जाने की पेशकश से मौर्य नाराज हैं। राजभर को भी सीटों के मामले में भाजपा से उम्मीदें पूरी होती नहीं दिख रही। हालांकि इस सूचना के बाद सतर्क भाजपा के राज्य नेतृत्व के नेताओं ने मौर्य और राजभर को मनाने का सिलसिला शुरू कर दिया है।

दरअसल भाजपा में शामिल होने वाले पैराशूट नेताओं को खुद के साथ-साथ अपने समर्थकों को भी उपकृत करने की उम्मीद थी। बताते हैं कि मौर्य पार्टी को अपने दर्जन भर समर्थकों की सूची सौंपी गई है, जबकि नेतृत्व ने उन्हें महज 4 सीटें ही देने का आश्वासन दिया है। 
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सपा की ओर से सकारात्मक संकेत

फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
इसी प्रकार नेतृत्व ने कांग्रेस छोड़ कर आई रीता बहुगुणा जोशी, दारा सिंह और ब्रजेश पाठक को सिर्फ अपनी चिंता करने की सलाह देते हुए इनकी खुद के लिए मनपसंद सीट की सूची हासिल कर ली है। बताते हैं कि नाराज मौर्य ने इसके बाद फिर से सपा में संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी। सपा की ओर से उन्हें सकारात्मक संकेत दिया गया है।

भाजपा के अतिविशिष्ट सूत्र के मुताबिक चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए कई नेताओं की खुद की सीट की सर्वे रिपोर्ट बेहद निराशाजनक है। इसी प्रकार इन नेताओं ने अपने जिन समर्थकों के लिए जिस सीट से टिकट मांगा है, वहां उनकी स्थिति ठीक नहीं है।

यही कारण है कि नेतृत्व ने बड़े नेताओं को जहां अपनी सीट की चिंता करने की सलाह दी है, वहीं छोटे नेताओं के संबंध में चुप्पी साध ली है। हालांकि मौर्य और राजभर की नाराजगी की सूचना मिलने के बाद राज्य इकाई के नेता इन्हें मनाने के लिए जरूर सक्रिय हुई हैं।

कृष्णा पटेल पर भी सपा की निगाहें
अपना दल के दूसरे धड़े की नेता कृष्णा पटेल पर भी सपा की नजर है। चूंकि पार्टी के स्वामित्व पर चुनाव आयोग ने फैसला करने से इंकार कर दिया है, इसलिए पटेल भी नए विकल्प की तलाश में हैं। सपा सूत्रों का कहना है कि कृष्णा से पार्टी नेताओं की दो दौर की बातचीत भी हो चुकी है।
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