पेट्रोल-डीजल की महंगाई से लेकर शुरू हुई बात सरकार को व्यापारी और किसान विरोधी करार देने तक पहुंच जाती है। कमल का फूल, हम सबकी भूल और राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, लेकिन तारीख नहीं बताएंगे जैसे स्लोगन से भाजपा सरकार की आलोचना की जाती है।
माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में इससे सपा को काफी लाभ मिलेगा। यह कार्यक्रम तराई बेल्ट में खूब पसंद किया जाता है। यहां वोटरों की संख्या भी काफी है। कार्यक्रम से बॉर्डर से सटे सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बलरामपुर व बहराइच के मतदाता प्रभावित हो सकते हैं।
नेपाल के एफएम पर नेपाली बिरहा का तड़का जोर-शोर से लगा रहा है। नेपाली बिरहा ‘केहू होई लेकिन अखिलेश न होई’ को तराई बेल्ट में खूब पसंद किया जा रहा है। कार्यक्रम में अखिलेश यादव की चर्चा का मुख्य कारण यह है कि कपिलवस्तु जिले में यादवों की आबादी काफी अधिक है। यहां के लोग अखिलेश को खूब पसंद करते हैं।