उत्तराखंड के देहरादून की एक अदालत ने बिल्डर यतेंद्र साहनी की आत्महत्या के मामले में दक्षिण अफ्रीकी कारोबारी अजय गुप्ता और उसके बहनोई शनिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपी पक्षी की ओर से कोर्ट में दी गई जमानत याचिका पर आदेश अभी लंबित है। उधर, दक्षिण अफ्रीका ने कहा कि वह भारत सरकार से बातचीत करेगा, क्योंकि गुप्ता बंधुओं पर वहां की सरकारी कंपनियों से अरबों रुपये लूटने का भी आरोप है।
भारतीय मूल के परिवार से ताल्लुक रखने वाले अतुल, अजय और राजेश गुप्ता पर पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा के साथ करीबी संबंधों के जरिए दक्षिण अफ्रीका में अरबों रुपये की हेराफेरी का आरोप है। 2018 में जुमा को राष्ट्रपति पद से हटाए जाने के बाद तीनों और उनके परिवार दुबई भाग गए थे। इसके बाद 2023 में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने राजेश और अतुल के प्रत्यर्पण के दक्षिण अफ्रीका के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था। जिसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया। गुप्ता बंदुओं ने आईटी, मीडिया और खनन के क्षेत्रों में एक विशाल साम्राज्य खड़ा किया हुआ था। दक्षिण अफ्रीका में उनकी संपत्ति को जब्त कर लिया गया था।
इस बीच, भारतीय मीडिया ने शनिवार को उत्तराखंड में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में अनिल गुप्ता और अजय गुप्ता की गिरफ्तारी की सूचना दी। बिल्डर ने अपने सुसाइड नोट में उनका नाम लिया था। देहरादून की एक अदालत ने शनिवार को यतेंद्र साहनी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में दोनों कारोबारियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि क्या यह वही अजय गुप्ता है, जो अपने भाइयों अतुल और राजेश के साथ दक्षिण अफ्रीका से भाग गया था।
दक्षिण अफ्रीका के न्याय विभाग के प्रवक्ता क्रिस्पिन फिरी ने कहा, जस्टिस एंड करेक्शनल सर्विसेज ने भारत में दो गुप्ता बंधुओं अजय और अनिल की गिरफ्तारी पर ध्यान दिया है। हमारा गिरप्तारी वारंट राजेश और अतुल गुप्ता के लिए था। फिर भी सत्यापन के लिए भारत में उच्चायुक्त के जरिए से औपचारिक प्रक्रियाएं चल रही हैं।दक्षिण अफ्रीका में अगले हफ्ते होने वाले आम चुनावों से पहले जोहान्सबर्ग में अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस की रैली को संबोधित करते हुए न्याय मंत्री रोनाल्ड लामोला ने इस बात की पुष्टि की कि सरकार को गुप्ता परिवार के सदस्यों की भारत में गिरफ्तारी की जानकारी है।
बिल्डर आत्महत्या प्रकरण एसीजेएम कोर्ट में दोनों को किया गया पेश
देहरादून के नामी बिल्डर सतेंद्र साहनी ने शुक्रवार को निर्माणाधीन बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को साहनी का लिखा हुआ सुसाइड नोट मिला था, जिसके आधार पर चर्चित उद्योगपति अजय गुप्ता और उसके बहनोई अनिल गुप्ता को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। शनिवार को आरोपियों को एसीजेएम कोर्ट में पेश किया गया था। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कारोबारी और उसके बहनोर्न को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। आरोपी पक्ष की ओर से दी गई जमानत याचिका पर निर्णय अभी कोर्ट में लंबित है। इससे पहले पुलिस आरोपियों को कोरोनेशन अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उनका मेडिकल कराया गया।