फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mashatile India Visit: जयशंकर से मिले दक्षिण अफ्रीका के डिप्टी राष्ट्रपति, भारत को बताया सबसे भरोसेमंद साझेदार

Tue, 02 Jun 2026 04:46 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

India South Africa Relations: दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति शिपोकोसा पॉलस माशातिले ने भारत दौरे के दौरान कहा कि भारत-दक्षिण अफ्रीका साझेदारी सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने का माध्यम है। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की। दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, डिजिटल तकनीक और एमएसएमई क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
विज्ञापन
भारत दौरे पर दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति माशातिले - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत और दक्षिण अफ्रीका के रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में मंगलवार को नई दिल्ली में अहम बैठक हुई। दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति शिपोकोसा पॉलस माशातिले ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की। इस दौरान माशातिले ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका की साझेदारी सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ऐसी मजबूत अर्थव्यवस्था बनाना है जो दोनों देशों के लोगों के हित में काम करे। उन्होंने भारत के साथ रिश्तों को बेहद खास और ऐतिहासिक बताया।
विज्ञापन


माशातिले ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका ने एक जैसा संघर्ष और चुनौतियां देखी हैं। उन्होंने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि दक्षिण अफ्रीका में उनके अनुभवों ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा दी। उन्होंने कहा कि दोनों देश गरीबी, बेरोजगारी और असमानता जैसी समस्याओं से लड़ने के लिए साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। बैठक में दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, डिजिटल तकनीक, एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

ये भी पढ़ें- शुभेंदु सरकार के खिलाफ ममता का धरना: बोलीं- भाजपा ने 177 सीटों पर की धांधली, कार्यकर्ताओं को रोक रही पुलिस
विज्ञापन


क्या भारत और दक्षिण अफ्रीका आर्थिक रिश्ते मजबूत करना चाहते हैं?
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि दोनों देशों के राजनीतिक रिश्तों को अब आर्थिक साझेदारी में और मजबूत किया जाए। माशातिले ने कहा कि भारत डिजिटल इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग और हेल्थ सेक्टर में काफी आगे है। वहीं दक्षिण अफ्रीका के पास नवीकरणीय ऊर्जा, खनन, फार्मास्यूटिकल्स और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपनी ताकत को मिलाकर रोजगार और व्यापार बढ़ा सकते हैं।

क्या अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साथ काम करेंगे दोनों देश?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी माशातिले के साथ बैठक को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिलकर काम करेंगे। जयशंकर के मुताबिक बातचीत में निवेश, व्यापार, डिजिटल क्षेत्र और बुनियादी ढांचे में सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

क्या भारत की संस्कृति और छोटे कारोबारों को समझना चाहते हैं माशातिले?
अपने भारत दौरे के दौरान माशातिले ने दिल्ली हाट का भी दौरा किया। उनके साथ दक्षिण अफ्रीका की लघु उद्योग मंत्री स्टेला टेम्बिसा नदाबेनी-अब्राहम्स भी मौजूद थीं। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत और छोटे कारोबारों के मॉडल को समझने की कोशिश की। माशातिले ने कहा कि दिल्ली हाट भारत की विविध संस्कृति और उद्यमिता का शानदार उदाहरण है।

क्या भारत दौरे से रिश्तों को मिलेगा नया बल?
दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति 29 मई से 3 जून तक भारत दौरे पर हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। उनके दौरे का उद्देश्य भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंधों को नई गति देना और आर्थिक अवसरों को बढ़ाना है। माना जा रहा है कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को नया बल मिलेगा।
विज्ञापन


क्या दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंध और मजबूत होंगे?
माशातिले ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के संबंध सिर्फ कूटनीतिक नहीं बल्कि ऐतिहासिक और भावनात्मक भी हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने उपनिवेशवाद और संघर्ष का समान इतिहास देखा है। ऐसे में आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग और ज्यादा मजबूत हो सकता है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें