जल्द ही आपको एयरपोर्ट पर जांच के लिए लैपटॉप, टैबलेट और हैंडबैग से लिक्विड निकालने की जरुरत नहीं पड़ेगी। यह चीजें बीते जमाने की हो जाएंगी। दुनिया के कुछ बिजी हब ट्रायल चला रहे हैं जिसके जरिए स्क्रिनिंग मशीन 3डी व्यू के जरिए बता देगी कि यात्री के बैग के अंदर क्या-क्या है। इस वजह से आपको बैग के अंदर से सामान नहीं निकालना पड़ेगा।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) जिसपर
भारतीय एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी है वह इन ट्रायल को करीब से देख रहे हैं। उनकी योजना है कि इस तकनीक को यहां टेस्ट किया जाए ताकि बिजी एयरपोर्ट पर इनका इस्तेमाल हो सके। इस तकनीक का इस्तेमाल न्यूयॉर्क के जेएफके हब और एम्सटरडैम के शिफोल में हो चुका है।
लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर फिलहाल इसका ट्रायल चल रहा है। यूके के परिवहन विभाग ने कहा, 'यदि यह तकनीक सफल रही तो भविष्य में यात्रियों को अपने लगेज से सामान को स्क्रिनिंग के लिए निकालना नहीं पड़ेगा'।
सीआईएसएफ के एक अधिकारी ने कहा, 'हम इस तकनीक को समझ रहे हैं और ट्रायल के परिणाम को समझने की कोशिश कर रहे हैं।'
जब पूछा गया कि क्या इस तकनीक का इस्तेमाल भारतीय एयरपोर्ट्स पर किया जाएगा तो अधिकारी ने कहा, 'हां हमें संदिग्ध बैग की जांच के लिए होने वाली फिजिकल चेंकिंग के नियमों में कुछ बदलाव करने होंगे।' पैसेंजर फ्रेंडली होने की वजह से वरिष्ठ विमानन मंत्रालय अधिकारी ने नई तकनीक को बहुत अच्छा विकास बताया है। कुछ भारतीय एयरपोर्ट जिसमें पीपीपी मेट्रो और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया शामिल हैं उनमें पिछले कुछ सालों में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। जिनके लिए यह तकनीक लाभदायक हो सकती है।