बोर्ड ने लाइनमैन से फोरमैन बनने की राह को आसान कर दिया है।
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बिजली का ज्यादा उपयोग करने पर हम सभी को ज्यादा बिल देना पड़ता है। लेकिन अगले कुछ महीनों में यह बदलने जा रहा है। अब सरकार ज्यादा बिजली का उपयोग करने वालों से कम बिल वसूलेगी। बिजली के बिना जिंदगी की उम्मीद नहीं की जा सकती हैं। लेकिन बढ़ते बिल के कारण लोग घर और ऑफिस में इसका कम से कम उपयोग करते हैं। अब केंद्र सरकार इसमें बहुत बड़ा बदलाव करने जा रही है। उर्जा मंत्रालय की तरफ से गठित की गई एक कमेटी ने सरकार से सिफारिश की है कि बिजली का ज्यादा प्रयोग करने वालों को बढ़ावा दिया जाए और इसके लिए उनको कम रेट पर बिजली दी जाए।
बिजली की अत्याधिक उपलब्धता से हो पाएगा ऐसा संभव
इकनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के अनुसार, इसके लिए कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है और इस माह के अंत तक सरकार को सौंप देगी। रिपोर्ट में जो स्लैब दिए गए हैं उनके अनुसार ज्यादा उपयोग करने वालों को कम बिजली का बिल देना होगा। आजादी के बाद अभी तक देश में बिजली की उपलब्धता काफी कम थी। ऐसे में ज्यादा उपयोग करने वालों को ज्यादा बिल देना होता है और कम उपयोग करने वालों को कम बिल। लेकिन अब देश में बिजली पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जिससे सरकार टैरिफ में बड़ा परिवर्तन करने जा रही है।
आधे शहर की बिजली गुल
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सरकार ने सितंबर में गठित की थी कमेटी
केंद्र सरकार ने सितंबर माह में एक कमेटी का गठन किया था जिसका काम देश में बिजली की डिमांड बढ़ाने पर था। इस कमेटी में केंद्रीय बिजली प्राधिकरण के चेयरमैन, विद्युत नियामक आयोग के सचिव, फिक्की के अध्यक्ष, बिहार व तमिलनाडु के विद्युत सचिव और मध्य प्रदेश, यूपी व गुजरात के प्रमुख विद्युत सचिव मौजूद थे। कमेटी का मानना है कि बिजली का उपयोग बढ़ाने के लिए उपभोक्ताओं को इंसेंटिव और छूट मिलनी चाहिए। राज्यों में मौजूद बिजली कमीशन को बिजली के टैरिफ में इसके लिए बदलाव करना चाहिए। कमर्शियल प्रयोग करने वालों को भी इसका फायदा मिले, ऐसा करने के लिए भी कमेटी ने अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट में सिफारिश की है।
बिजली का मीटर अब होगा घर के बाहर
रात और नॉन पीक ऑवर्स में मिले सस्ती बिजली
कमेटी ने कहा है कि जिन फैक्टियों और ऑफिस में रात के समय या फिर नॉन पीक ऑवर्स में काम होता है, उनको सस्ती बिजली मिलनी चाहिए। मध्य प्रदेश और कुछ राज्यों में इस तरह का टैरिफ डिजाइन किया गया है, जिससे बिजली का उपयोग बढ़ा है। इसके अलावा भी कमेटी ने लांग और शार्ट टर्म के लिए भी कई तरह के सुझाव दिए हैं।