यूपी के चुनावी रण में मुश्किल दिख रहे कांग्रेस-सपा गठबंधन की राह को एक झटके में आसान कर देने वाली प्रियंका गांधी अब जल्द ही राजनीति में बड़ी भूमिका में दिख सकती हैं। संभावना जताई जा रही है कि वह सोनिया गांधी की रायबरेली सीट से 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ सकती हैं। इस बात की संभावना इसलिए भी ज्यादा दिख रही है कि लगातार खराब चल रही सेहत के कारण कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी फिलहाल राजनीति में ज्यादा सक्रिय नहीं दिखाई दे रही हैं।
हालांकि इस तरह की खबरें सामने आते ही प्रियंका गांधी के ऑफिस से सफाई देने में भी देरी नहीं की गई। उनके ऑफिस से दी गई सूचना में बताया गया कि फिलहाल इस तरह की कोई संभावना नहीं है।
हालांकि जब भी प्रियंका के सक्रिय राजनीति में आने की अटकलें लगने लगती हैं तभी गांधी परिवार या उनके कार्यालय की ओर से तत्काल सफाई देकर इस पर विराम लगाने का प्रयास किया जाता है। लेकिन इस बार मामला कुछ ज्यादा आगे का दिख रहा है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार मौजूदा परिस्थितियों में सोनिया गांधी की रायबरेली सीट पर प्रियंका गांधी का दावा काफी मजबूत दिखाई दे रहा है। वैसे भी रायबरेली कांग्रेस की पारंपरिक सीट मानी जाती है सोनिया से पूर्व इंदिरा गांधी भी यहां से चुनाव लड़ती रही हैं।
सपा-कांग्रेस गठबंधन की औपचारिक घोषणा के बाद कांग्रेस ने भी गठबंधन का सारा क्रेडिट प्रियंका गांधी को देकर उनकी राजनीति में औपचारिक लांचिंग को स्वीकार कर लिया।
कांग्रेस नेताओं ने प्रियंका को दिया सपा-कांग्रेस गठबंधन का श्रेय
सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने तो खुद ट्वीट कर इसका क्रेडिट प्रियंका को दिया तो राज्यसभा में पार्टी के नेता गुलाम नबी आजाद ने भी गठबंधन के लिए प्रियंका की सराहना की।
ऐसे में वरिष्ठ नेताओं के इस तरह समर्थन का सीधा सीधा मतलब है कि पार्टी प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में लाने की पूरी तैयारी कर चुकी है। वैसे भी कांग्रेस की लगातार खस्ता हालत के बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी कोई चमत्कार नहीं दिखा पा रहे हैं तो कांग्रेसियों की निगाहें प्रियंका गांधी पर ही टिकी हैं जिनमें पार्टी कार्यकर्ता उनकी दादी इंदिरा गांधी का अक्स भी देखते हैं।
ऐसे में पूरी संभावना है कि पार्टी सुप्रीमो सोनिया गांधी बेटी प्रियंका के लिए रायबरेली की सीट छोड़ सकती हैं। इसकी बड़ी वजह ये भी है कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गिरती सेहत के बीच सोनिया गांधी 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगी भी या नहीं।
पूर्व में बेटे राहुल के लिए अमेठी सीट छोड़ चुकी हैं सोनिया
सोनिया गांधी ने पहला लोकसभा चुनाव साल 1999 में अमेठी से लड़ा था लेकिन अगले ही चुनावों में उन्होंने बेटे राहुल के लिए अमेठी सीट छोड़ दी थी, जिसके बाद उन्होंने रायबरेली से चुनाव लड़ा और जीतकर लोकसभा पहुंची। ऐसे में इस बार अगर सोनिया बेटे की तरह बेटी के लिए भी अपनी सीट छोड़ दें तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। पार्टी नेताओं के अनुसार भी प्रियंका के लिए रायबरेली से आइडियल पॉलीटिकल लांच कुछ और नहीं हो सकता।
संभावना इस बात की भी है कि जिस तरह सपा कांग्रेस गठबंधन में प्रियंका ने सक्रिय भूमिका निभाई इसके बाद पार्टी उन्हें यूपी चुनावों में भी और बड़ी भूमिका दे सकती है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच प्रियंका गांधी की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा पार्टी नेताओं को भी है, इसलिए उनकी ओर से सफाई भी दी जानी शुरू हो गई है कि इससे राहुल गांधी के कद पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कांग्रेस प्रवक्ता अजय कुमार ने मीडिया को बताया कि खुद राहुल गांधी ने गुलाम नबी आजाद और प्रियंका गांधी से कहा था कि समान सोच और विचारधारा वाले दलों से गठबंधन को लेकर बातचीत आगे बढ़ाई जाए।
हालांकि इस संबंध में जानकारी करने पर प्रियंका गांधी के कार्यालय ने उनके चुनाव लड़ने की अटकलों को फिलहाल खारिज कर दिया।