राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी पर आम सहमति बनाने के लिए सत्तापक्ष के प्रतिनिधि के तौर पर राजनाथ सिंह और वेंकैया नायडू शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे। भाजपा के दोनों वरिष्ठ नेताओं ने प्रत्याशी के नाम पर कांग्रेस को तो टटोला लेकिन खुद का पत्ता नहीं खोला। मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सत्ता पक्ष के प्रतिनिधि नाम बताने नहीं, नाम पूछने आए थे।
BJP leaders did not mention any name, instead tried asking us the same: Ghulam Nabi Azad,Congress on Sonia Gandhi meet #PresidentialPoll pic.twitter.com/YNmjTkNVy7
— ANI (@ANI_news) June 16, 2017
केंद्र राष्ट्रपति के चुनाव के लिए आम सहमति के पक्ष में है और इसके लिए उसने दांव चलने की कोशिश की है। बैठक से पहले माना जा रहा था कि एनडीए सोनिया गांधी के सामने दो तरह की रणनीति रख सकता है।
पहला ये कि वो कुछ नाम बताएंगे, जिनपर सोनिया की राय मांग सकते हैं और दूसरा ये की एनडीए अपना नाम बताकर उसपर जनमत का दावा कर सकता है। वे सोनिया गांधी के कह सकते हैं कि जनमत हमारे पास है और इसपर उन्हें समर्थन करना चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी इस बैठक में अपना जवाब देने के बजाय पहले बाकी 17 दलों से मुलाकात करेंगी और फिर फैसला सुना सकती हैं। सोनिया गांधी का मानना है कि बाकी विपक्षी दलों के बीच विचार-विमर्श के बाद ही राष्ट्रपति चुनाव पर ही सामूहिक फैसला लिया जाना ठीक है।
Rajnath, Naidu to meet Sonia today over presidential polls
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— ANI Digital (@ani_digital) June 16, 2017