शिवसेना ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और असम के नए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा तथा पुडुचेरी के एन रंगासामी सभी पूर्व कांग्रेस नेता हैं। संपादकीय में कहा गया कि इन तीनों को कांग्रेस छोड़नी पड़ी और फिर ये मजबूत नेता बनकर उभरे। शिवसेना ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भाजपा के खिलाफ अकेले लड़ाई लड़ रहे हैं और कड़ी आलोचना के बावजूद वह हमेशा अपनी बात रखते हैं।
दावा, कांग्रेस के सेनापति हैं राहुल गांधी
संपादकीय में दावा किया कि कोविड-19 महामारी के बीच राहुल गांधी ने कई मुद्दों पर केंद्र की आलोचना की और सुझाव भी दिए। उनकी बुरी तरह आलोचना करने के बाद सरकार को उनके द्वारा दिए सुझावों पर फैसला लेना पड़ा। शिवसेना ने कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस के सेनापति हैं और सरकार पर उनके हमले सटीक और मुद्दों पर आधारित होते हैं।
विपक्ष को मैदान में आना होगा
संपादकीय में दावा किया गया कि लोगों में बेरोजगारी, आर्थिक संकट, महंगाई और कोविड-19 की स्थिति के प्रबंधन जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश है। शिवसेना ने कहा कि इस वक्त सभी मुख्य विपक्षी दलों को टि्वटर शाखाओं से राजनीतिक जमीन पर आना होगा। जमीन पर आने का मतलब महामारी के वक्त में भीड़ इकट्ठा करना नहीं है बल्कि हर दिन सरकार से सवाल करना और उसे जिम्मेदार ठहराना है।