अखबारों में पहले ही छप चुकी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की चिट्ठी सोमवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पास पहुंच गई। प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के वर्षा आवास पर जाकर उन्हें यह पत्र सौंपा। दिल्ली से आए कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव संपत कुमार के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोरात सहित कई मंत्रियों ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के वर्षा आवास जाकर उन्हें यह पत्र सौंपा।
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष का यह पत्र मीडिया में लीक हो गया था। पत्र में सोनिया ने राज्य की महाविकास आघाडी सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम की याद दिलाते हुए उस लागू करने की मांग की है। सोनिया गांधी के इस पत्र को सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति माना जा रहा है। इसलिए सरकार में शामिल एनसीपी को यह रास नहीं आया। एनसीपी प्रवक्ता व अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक ने इसके लिए कांग्रेस की अंदरुनी राजनीति को जिम्मेदार ठहराया था। वहीं, भाजपा ने भी इस पत्र को लेकर सरकार पर निशाना साधा था।
न्यूनतम साक्षा कार्यक्रम पर चले सरकारः चव्हाण
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा है कि राज्य की महा विकास आघाडी सरकार न्यूनतम साक्षा कार्यक्रम पर ही चलनी चाहिए। क्योंकि यह किसी पार्टी का घोषणा पत्र नहीं होता। सोनिया गांधी ने एससी एसटी निधि को लेकर नाराजगी जताई है। हमारा मानना है कि राज्य सरकार को कांग्रेस की नीतियों के अनुसार फैसले लेने चाहिए। अगर पार्टी की मूलभूत नीति का उलंघन होगा तो हमारा आक्षेप रहेगा।