आंध्र प्रदेश से जन सेना के सांसद लिंगमनेनी रमेश ने अपने बेटे की गाड़ी से हुए सड़क हादसे में एक महिला की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने बिना देर किए पीड़ित महिला को अस्पताल पहुंचाया और वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनका परिवार पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे हालात के बारे में कोई अंदाजा न लगाएं या पहले से कोई राय न बनाएं, बल्कि जांच से पूरी सच्चाई सामने आने दें। मृतक महिला के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी शब्द उनके दुख को कम नहीं कर सकता। इस मुश्किल समय में वह और उनका परिवार उनके साथ खड़े हैं।
एक्स पर जारी एक बयान में रमेश ने कहा कि 16 अगस्त को हुए हादसे के तुरंत बाद उनके बेटे संजुश (21) ने बिना किसी देरी के पीड़ित महिला को अस्पताल पहुंचाया। फिर पुलिस को हादसे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामला दर्ज किया गया। उनके बेटे के तीन अलग-अलग मेडिकल टेस्ट किए गए, जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई।
जांच को लेकर क्या कहा?
रमेश ने कहा कि उनका बेटा चल रही जांच में अधिकारियों का पूरा सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ भी छिपाया नहीं जा रहा है । न ही उनके परिवार ने किसी भी तरह से कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश की है। उनके बेटे ने अधिकारियों द्वारा ज़रूरी हर प्रक्रिया का पालन किया है।
उन्होंने कहा, 'एक जिम्मेदार पद पर होने के नाते, मैं सभी को भरोसा दिलाता हूं कि मैं पुलिस विभाग और चल रही जांच में पूरा सहयोग करूंगा। हमें पूरा भरोसा है कि निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया के जरिए सच्चाई सामने आएगी।'
क्या है पूरा मामला?
ओडिशा की रहने वाली 26 साल की भारती मुखी, जो यहां एक मॉल में सेल्स एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम करती थीं। वे 16 अगस्त को मॉल के सामने सड़क पार करते समय एक कार की चपेट में आने से मारी गईं। यह कार संजुश चला रहे थे और आरोप है कि वे इसे बहुत तेज रफ्तार और लापरवाही से चला रहे थे।
डीसीपी (कुकटपल्ली जोन) रीतिराज ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि 16 अगस्त को यहां के माधपुर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच शुरू की गई।