प्रधानमंत्री मोदी के नए कैबिनेट फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और पहली बार राज्यमंत्री बनाई गई अपना दल की अनुप्रिया पटेल बटोर रही हैं। अनुप्रिया पटेल जहां पार्टी की आंतरिक कलह और मां से झगड़े को लेकर चर्चाओं में हैं वहीं मंत्री बनते ही उनके कुछ ऐसे तीखे ट्वीट भी सामने आए हैं जिनको लेकर विवाद शुरू हो गया है।
हालांकि इस पर अनुप्रिया का कहना है कि यह उनके नाम से बने फर्जी ट्विटर अकाउंट से किए गए हैं इसलिए उन्होंने दिल्ली पुलिस में इस मामले की शिकायत भी की है, लेकिन सवाल ये है कि अगर यह फर्जी अकाउंट है तो दो साल से चल रहे इस ट्विटर अकाउंट की शिकायत अनुप्रिया ने आज तक क्यों नहीं की।
असल में केंद्र सरकार में राज्यमंत्री पद की शपथ लेते ही अनुप्रिया पटेल के कई ऐसे बयान सामने आ गए हैं जो अब उनके गले की हड्डी बनते जा रहे हैं। इनमें से ज्यादातर उनके नाम से बने @anupriya_patel ट्विटर हैंडल से ट्वीट किए गए हैं।
हालांकि ये पुराने ट्वीट हैं लेकिन इनकी शैली और प्रमाणिकता को लेकर विवाद छिड़ गया है। इन ट्वीट में ज्यादातर उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार और विपक्षी कांग्रेस को निशाना बनाया गया है। कुछ ट्वीट की शैली तो ऐसी है कि वो साम्प्रदायिक विवाद भी खड़ा कर सकते हैं।
दो साल से क्यों नहीं की फर्जी अकाउंट की शिकायत
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मसलन, @anupriya_patel नाम के इस ट्विटर हैंडल से बीते 13 जून को ट्वीट किया गया था, हमें बर्बाद कर दिया अपने ही देश के गदारों ने वरना कभी सुना नहीं था 100 करोड़ डर जाएं 20 करोड़ मु.... से।
इसी दिन प्रदेश की सपा सरकार की आलोचना करते हुए #UPwillchange हैशटैग से और भी कई ट्वीट किए गए थे। ऐसे ही एक अन्य ट्वीट में दादरी के अखलाक मुद्दे पर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा गया था।
जब इसपर विवाद छिड़ा तो अगले ही दिन इन दोनों ट्वीट को डिलीट कर दिया गया। अब सवाल ये है कि अगर यह यह ट्विटर अकाउंट फर्जी है तो इससे कोई ट्वीट डिलीट क्यों किया जाएगा। इसके अलावा इस ट्विटर अकाउंट से दो दिन पहले तक ज्यादातर वो ही ट्वीट किए गए जिनमें अनुप्रिया निजी तौर पर किन्हीं कार्यक्रमों में शामिल होती रही हैं।
दूसरे, जब अनुप्रिया केंद्र में मंत्री बनी तो इसी ट्वीटर अकाउंट पर देश के तमाम बड़े नेताओं ने उन्हें बधाई दी। जिनमें केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, मेनका गांधी, थावरचंद गहलोत, रामविलास पासवान, बंडारू दतात्रेय, कलराज मिश्र, राधा मोहन सिंह और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे बड़े नेता शामिल हैं।
जिसे असली ट्विटर अकाउंट बताया उससे अभी तक नहीं किया कोई ट्वीट
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इनमें से कई नेता तो ऐसे हैं जो ट्वीटर का जमकर उपयोग करते हैं, कई के लिए तो पूरी सोशल मीडिया टीम यह काम करती है। ऐसे में क्या सभी नेता यह बड़ी गलती कर रहे थे।
दूसरी ओर सरकारी न्यूज चैनल दूरदर्शन ने भी अनुप्रिया के मंत्री बनने की सूचना देने वाले ट्वीट में अनुप्रिया के नाम से बने इसी ट्विटर हैंडल को शामिल किया। वहीं अब अनुप्रिया अब इस ट्विटर हैंडल को ही फर्जी बता रही हैं।
बड़ा सवाल ये भी है कि अगर यह ट्विटर अकाउंट फर्जी है तो अगस्त 2014 में बने अकाउंट की अब तक शिकायत क्यों नहीं की गई। दो साल में इस अकाउंट से 180 के करीब ट्वीट किए गए और हजारों की संख्या में ट्विट्स को री ट्वीट किया गया लेकिन तब कोई शिकायत नहीं की गई।
बताया जा रहा है कि यह विवाद सामने आने के बाद अनुप्रिया की ओर से सफाई दी गई है कि उनका असली ट्विटर अकाउंट @AnupriyaSPatel नाम से है लेकिन खास बात ये है कि यह अकाउंट इसी जुलाई में बना है और इससे अभी तक कोई ट्वीट नहीं किया गया।
खैर अब मामले की शिकायत पुलिस से की गई है उम्मीद है जल्द ही इसका सच भी सामने आ जाएगा लेकिन कुछ सवाल ऐसे भी हैं जिनका जवाब मिलना जरूरी है।