बजट सत्र के शुरू होने से ठीक एक दिन पहले मंगलवार को सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें विपक्ष ने अदाणी, महिला आरक्षण बिल, जाति आधारित जनगणना, चीन के देश की सीमा में घुसपैठ, बीबीसी वृत्तचित्र पर रोक, गैर-भाजपा शासित राज्यों में राज्यपालों के दखल, केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग जैसे मुद्दे गिनाए।
सरकार ने कहा कि वह संसद के बजट सत्र के दौरान नियमों के तहत हर मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है। सरकार ने संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने के लिए विपक्ष का सहयोग भी मांगा। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सरकार नियमों के तहत संसद में हर मुद्दे पर बहस की इच्छुक है। हम सदन को सुचारु रूप से चलाने के लिए विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा करते हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में 27 दलों के 37 नेताओं ने शिरकत की। बैठक में आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, राजद के मनोज झा, द्रमुक, वामदलों और अन्य पार्टियों ने अदाणी का मुद्दा उठाया और सत्र के दौरान संसद में इस पर बहस की मांग की। बैठक में कांग्रेस का कोई नेता शामिल नहीं हुआ।
वाईएसआर कांग्रेस ने जाति आधारित आर्थिक जनगणना, महिला आरक्षण बिल की मांग की
वाईएसआर कांग्रेस ने राष्ट्रव्यापी जाति आधारित आर्थिक जनगणना करने की मांग उठाई। पार्टी सांसद विजयसाई रेड्डी ने कहा कि सामाजिक और विकास संकेतकों पर ‘पिछड़े’ वर्गों की आर्थिक स्थिति को जानना आवश्यक है। रेड्डी ने कहा कि उनकी पार्टी ने संसद में महिलाओं का आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए महिला आरक्षण बिल को पारित कराने की भी मांग की। इस मांग का तेलंगाना
राष्ट्र समिति, तृणमूल कांग्रेस और बीजू जनता दल ने भी समर्थन किया।
बसपा ने चीन के घुसपैठ के मुद्दे पर चर्चा की मांग की
सूत्रों का कहना है कि मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने चीनी घुसपैठ का मसला उठाया और इस पर संसद में चर्चा की मांग की। इस पर सरकार ने कहा कि कुछ मामलों पर सदन के पटल पर चर्चा नहीं की जा सकती क्योंकि यह सुरक्षा से संबंधित है।
बैठक के बाद बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने कहा, महिला आरक्षण विधेयक इस सत्र में बीजद के लिए प्राथमिकता होने जा रहा है। हम विधेयक को पारित कराने पर जोर दे रहे हैं। हम समान विचारधारा वाले दलों के साथ आम सहमति भी बनाएंगे ताकि सरकार पर यह सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाया जा सके कि विधेयक पारित हो।
कई विपक्षी दलों ने उद्योग पति गौतम अडानी से संबंधित शेयर बाजार का हालिया मामले सहित महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। सांसदों ने सरकार से इस मामले पर चर्चा कराने को कहा, क्योंकि यह देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े मामले हैं।संसद भवन परिसर में हुई बैठक में सदन के उपनेता राजनाथ सिंह, संसद मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी, सदन के नेता प्रह्लाद जोशी, संसदीय कार्य राज्य मंत्री पीयूष गोयल, अर्जुन, राम मेघवाल और वी मुरलीधरन मौजूद थे।