गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) पर कांग्रेस के राज्यसभा और लोकसभा सांसदों में मतभेद सामने आए हैं। बुधवार को राज्यसभा में जीएसटी पास होने से पहले कांग्रेस ने अपनी सांसदों को व्हिप जारी किया और बिल पर 'शुभकामनाएं' दीं लेकिन उनके कुछ लोकसभा सांसद इससे नाराज हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जीएसटी पर जिस तरह से कांग्रेस ने फैसला लिया, उस तरीके पर लोकसभा सांसद नाराज हैं।
संसद भवन में मंगलवार को जब कांग्रेस के पी चिदंबरम और पूर्व कॉमर्स मिनिस्टर आनंद शर्मा पार्टी सांसदों को संशोधित बिल के बारे में बता रहे थे तो बैठक में लोकसभा के सांसदों ने अपनी नाराजगी जताई। नाराज लोकसभा सांसदों का कहना है कि उन्हें जीएसटी पर फैसला लेने की प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया और उनसे राय नहीं ली गई।
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ सांसदों का कहना है कि अगर पार्टी को आखिरकार जीएसटी का समर्थन ही करना था तो वह आखिर दो सालों तक इसका विरोध क्यों करती रही।
कुछ सांसदों ने कहा कि हम जनता के सामने जाकर क्या बताएंगे कि आखिर हमने इतने समय तक इसका विरोध करते हुए आखिर में समर्थन क्यों किया। कांग्रेस की इस बैठक में राहुल गांधी, वीरप्पा मोइली और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत दोनों सदनों के दर्जनों सांसद थे। जब सांसदों ने सवाल उठाए तो राहुल गांधी ने पी चिदंबरम और आनंद शर्मा को इस मामले पर सफाई देने के लिए कहा। हालांकि इस मामले पर आनंद शर्मा ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है, कुछ सावाल उठे थे और उन पर सफाई दी गई।