सरकारी सूत्रों ने पहले बताया था कि कोचर, धूत और अन्य ने इन आरोपों से इनकार किया था। यह आरोपपत्र या मुकदमा चलाने की शिकायत धन शोधन रोकथाम कानून के तहत मुंबई में विशेष अदालत में दायर की गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआई द्वारा कोचर, धूत और अन्य के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद धनशोधन का मामला दर्ज किया और फिर दीपक कोचर को उसने गिरफ्तार किया था। ईडी ने कोचर और उनके कारोबारी सहयोगियों के खिलाफ वीडियोकॉन समूह की कंपनियों को 1,875 करोड़ रुपये का गैर कानूनी तरीके से कर्ज मंजूर किए जाने के लिए धन शोधन के आरोप लगाए थे।
गौरतलब है कि बीते दिनों चंदा कोचर को ईडी के आदेश को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की अथॉरिटी ने खारिज कर दिया था। इससे चंदा कोचर को वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज को लोन देने के मामले में क्लीन चिट मिल गई है। इसके साथ ही ईडी अब चंदा कोचर की प्रॉपर्टी जब्त नहीं करेगी।
इससे पहले स्पेशल कोर्ट ने पिछले हफ्ते चंदा कोचर के पति और कारोबारी दीपक कोचर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। वह आईसीआईसीआई बैंक-वीडियोकॉन मनी लॉन्ड्रिंग केस के आरोपी हैं। ईडी ने सितंबर में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत दीपक को गिरफ्तार किया था। इस पर अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।