सियाचिन ग्लेशियर पर तैनात सैनिक अब बहां रहकर भी स्नान कर सकते हैं। वर्तमान में तीन महीने सियाचिन की 21,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित होने की वजह से वो स्नान करने में असक्षम हैं क्योंकि वहां पानी की व्यवस्था नहीं है। सैनिकों को स्वदेशी रूप से विकसित जलविहीन शरीर स्वच्छता उत्पाद दिए जा सकते हैं जिससे उनके स्नान करने की समस्या समाप्त हो जाएगी।
कोलकाता स्थित पूर्वी कमान, जो चीन के साथ भारत की विवादित सीमा की रखवाली करती है, उसने उत्पादों का परीक्षण कर ऑर्डर दिया है। दो अधिकारियों ने सोमवार को नाम न छापने की शर्त पर ये जानकारी दी। भारत ग्लेशियर पर हर समय लगभग 3,000 सैनिक तैनात रहते हैं जहां तापमान शून्य से 60 डिग्री नीचे तक चला जाता है। रणनीतिक ग्लेशियर की रखवाली पर रोजाना पांच करोड़ से सात करोड़ रुपये खर्च होते हैं।
“पूर्वोत्तर में चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनात सैनिकों ने जलविहीन स्नान उत्पादों को बहुत उपयोगी पाया है। उस प्रतिक्रिया के आधार पर, पूर्वी कमान ने इन उत्पादों की हजारों बोतलों का ऑर्डर दिया है। सियाचिन सहित अन्य उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैनिकों को भी ये उत्पाद मिलेंगे। '' ग्लेशियर में लगभग 80% सैनिक 16,000 फीट से ऊपर तैनात रहते हैं।
ग्लेशियर में देश की सेवा करने वाले एक अधिकारी ने कहा कि यह व्यक्तिगत स्वच्छता के दृष्टिकोण से एक शानदार कदम है। सियाचिन में बर्फ को पिघला कर पानी बनाने में बहुत अधिक ईंधन की आवश्यकता होगी और यह संभव नहीं है।