फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सूर्य पर अभूतपूर्व गतिविधि: दिखीं रिकॉर्ड सौर ज्वालाएं, अंतरिक्ष एजेंसियां सतर्क; GPS सेवाओं पर असर की आशंका

Sun, 08 Feb 2026 04:46 AM IST
हिमांशु चंदेल अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

फरवरी 2026 की शुरुआत में सूर्य पर एक्स8.3, एक्स8.1, एक्स4.2 और एक्स1.5 श्रेणी की शक्तिशाली सौर ज्वालाएं दर्ज हुई हैं। वैज्ञानिक इसे सोलर साइकिल 25 के चरम चरण का संकेत मान रहे हैं। एआर4366 सनस्पॉट से निकली इन ज्वालाओं से रेडियो संचार, जीपीएस और उपग्रह सेवाओं पर असर का खतरा है।
विज्ञापन
सौर तूफान (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सूर्य पर फरवरी 2026 की शुरुआत से ही असामान्य और तेज गतिविधियां देखी जा रही हैं। कुछ ही दिनों में कई रिकॉर्ड श्रेणी की सौर ज्वालाएं दर्ज हुई हैं, जिससे वैज्ञानिक समुदाय सतर्क हो गया है। विशेषज्ञ इसे सौर चक्र 25 के चरम चरण यानी सोलर मैक्सिमम की ओर बढ़ने का साफ संकेत मान रहे हैं। बढ़ती हलचल को देखते हुए दुनिया की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है।

विज्ञापन


वैज्ञानिक आंकड़ों के अनुसार एक फरवरी से लगातार उच्च तीव्रता वाले सौर फ्लेयर दर्ज किए गए हैं। इनमें एक्स8.3, एक्स8.1, एक्स4.2 और एक्स1.5 श्रेणी की ज्वालाएं शामिल हैं। ये फ्लेयर बहुत शक्तिशाली माने जाते हैं और इनका असर पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल पर पड़ सकता है। इससे रेडियो संचार, जीपीएस नेविगेशन और उपग्रह आधारित सेवाओं में बाधा आने की आशंका जताई गई है।

एआर4366 सनस्पॉट बना मुख्य केंद्र
अधिकांश बड़ी सौर ज्वालाएं सूर्य के एआर4366 सनस्पॉट समूह से निकली हैं। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के मुताबिक एक और दो फरवरी को इसी क्षेत्र से एक्स8.3 और एक्स8.1 श्रेणी के फ्लेयर दर्ज किए गए। इन्हें अक्टूबर 2024 के बाद का सबसे बड़ा सौर विस्फोट बताया गया है। सनस्पॉट क्षेत्र में बढ़ती ऊर्जा और अस्थिरता आगे और गतिविधि का संकेत मानी जा रही है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- तेलंगाना की फॉरेंसिक लैब में लगी आग, सबूतों की सुरक्षा पर घिरी राज्य सरकार; केंद्र ने मांगा जवाब

कई दिनों तक जारी रहा फ्लेयर का सिलसिला
तीन फरवरी को अमेरिकी समयानुसार सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर एक्स1.5 श्रेणी की ज्वाला दर्ज की गई। चार फरवरी को सुबह 7 बजकर 13 मिनट पर फिर इसी स्तर का फ्लेयर देखा गया। चार फरवरी को ही एक्स4.2 श्रेणी की एक और बड़ी ज्वाला रिकॉर्ड हुई। लगातार चार दिनों तक शक्तिशाली फ्लेयर्स का निकलना अंतरिक्ष मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है।

इसरो और नासा अलर्ट पर
भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो और अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि तेज सौर ज्वालाएं उपग्रहों के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, नेविगेशन सिग्नल और संचार नेटवर्क को प्रभावित कर सकती हैं। जरूरत पड़ने पर उपग्रह संचालन में एहतियाती कदम उठाए जा सकते हैं। अंतरिक्ष मौसम से जुड़े अलर्ट सिस्टम सक्रिय रखे गए हैं।
विज्ञापन


विशेष उपकरणों ने कैद की सौर चमक
इन सौर घटनाओं को सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी ने रिकॉर्ड किया है। 131 और 193 एंगस्ट्रॉम तरंगदैर्घ्य में ली गई तस्वीरों में सूर्य की सतह पर तेज नीली और लाल चमक साफ दिखाई दी। इन चित्रों के आधार पर वैज्ञानिक ऊर्जा स्तर और प्रभाव का अध्ययन कर रहे हैं। आने वाले दिनों में सौर गतिविधि और तेज रहने की संभावना जताई गई है।


अन्य वीडियो-

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें