DGCA on Airbus Software Updates: भारत में एयरबस के ए320 विमान के सॉफ्टवेयर अपडेट को लेकर डीजीसीए ने जानकारी दी है। डीजीसीए के मुताबिक, भारत में उड़ने वाली एयरबस ए320 फैमिली एयरक्राफ्ट के आधे से ज्यादा विमानों के सॉफ्टवेयर अपडेट हो चुके हैं। पढ़ें, पूरा मामला
भारत में उड़ने वाले एयरबस की फ्लाइट ए320 परिवार के कुल 338 विमान में एक जरूरी सॉफ्टवेयर अपडेट की जरूरत है। यह अपडेट इसलिए किया जा रहा है ताकि उड़ान के दौरान फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम में किसी तरह की गड़बड़ी या डेटा की गलती न हो। वहीं नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के मुताबिक, इन विमान में से 189 विमान में अपडेट पूरा हो चुका है, यानी आधे से ज्यादा बेड़ा अब सुरक्षित रूप से अपग्रेड हो चुका है।
अपडेट क्यों जरूरी है?
पिछले दिनों एयरबस और यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी (ईएएसए) ने चेतावनी दी थी कि तेज सोलर रेडिएशन से विमान के फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम में इस्तेमाल होने वाला डेटा खराब हो सकता है। इस जोखिम को खत्म करने के लिए सॉफ्टवेयर और कुछ मामलों में हार्डवेयर को भी अपडेट किया जा रहा है।
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भारतीय एयरलाइंस को डीजीसीए का आदेश
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने सभी भारतीय एयरलाइनों को आदेश दिया है कि 30 नवंबर सुबह 5:29 बजे तक सभी विमान पर यह अपडेट पूरा कर दिया जाए।
किन एयरलाइनों के कितने विमान प्रभावित?
इंडिगो के कुल 200 विमान प्रभावित हुए हैं, हालांकि इसमें 143 का अपडेट पूरा हो चुका है। वहीं एअर इंडिया की बात करें तो इसके कुल 113 विमान सॉफ्टवेयर से संबंधित अपडेट की तहत प्रभावित हुए हैं, जबकि अब तक 42 का अपडेट पूरा हो चुका है। इस कड़ी में एअर इंडिया एक्सप्रेस के सबसे कम मात्र 25 विमान प्रभावित हुए है, जबकि सिर्फ चार के अपडेट पूरे हुए हैं।
कहां किया जा रहा अपडेट?
दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बंगलूरू, हैदराबाद, अहमदाबाद और कोलकाता जैसे बड़े एयरपोर्ट बेस पर इंजीनियरों की टीम लगातार काम कर रही है।
उड़ानों पर कितना असर? और एयरबस का बयान
अभी तक किसी भी विमानन कंपनी ने कोई फ्लाइट रद्द नहीं की है। लेकिन कुछ उड़ानों में 60-90 मिनट तक की देरी हो रही है। एअर इंडिया ने कहा है कि 40% से ज्यादा विमानों में अपडेट पूरा हो चुका है और बाकी जल्दी पूरा हो जाएगा। वहीं एयरबस ने कहा है कि यह समस्या कुछ चुनिंदा विमानों में पाई गई, इसलिए दुनिया भर के ऑपरेटर्स को अपडेट करने की सलाह दी गई है। कंपनी मानती है कि इससे यात्रियों को असुविधा हो सकती है, लेकिन सुरक्षा पहली प्राथमिकता है।