सोशल मीडिया अब प्रदूषण को खत्म करने का हथियार भी बनता जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने 29 अक्तूबर 2018 को अपना सोशल मीडिया एकाउंट बनाकर लोगों से इस पर प्रदूषण संबंधी अपनी शिकायतें दर्ज करने की अपील की थी। एकाउंट बनने के लगभग दस महीने के बाद यह तथ्य सामने आया है कि लोग सोशल मीडिया पर जमकर प्रदूषण संबंधी शिकायतें कर रहे हैं। उन्हें इसके माध्यम से समाधान भी मिल रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दावा है कि उसने सोशल मीडिया पर आई 53 फीसदी शिकायतों का निबटारा कर दिया है। यह जानकारी एक आरटीआई के माध्यम से सामने आई है। आरटीआई कार्यकर्ता अधिवक्ता रंजन तोमर ने बोर्ड से पूछा था कि सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से उसे अब तक कितनी शिकायतें मिली हैं और उन पर क्या कार्रवाई हुई। कितनी समस्याओं का निराकरण किया जा चुका है?
इसके जवाब में बोर्ड ने कहा है अगस्त 2019 तक सोशल मीडिया के माध्यम से उसे कुल 2876 शिकायतें मिली हैं। इनमें से अब तक 1526 शिकायतों (कुल का लगभग 53 फीसदी) का समाधान कर दिया गया है। अधिवक्ता रंजन तोमर ने अमर उजाला से कहा कि सोशल मीडिया आम आदमी के हाथ में एक बड़ी ताकत है। प्रदूषण के मामले में यह जानकारी बताती है कि इस मंच का उपयोग हम अपने पर्यावरण और वातावरण को बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं। इसका प्रयास सरकार और संस्था दोनों के स्तर पर किया जाना चाहिए।