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'स्नैपचैट डिसमोर्फिया' बीमारी से पीड़ित लोग करवाना चाहते हैं प्लास्टिक सर्जरी

Tue, 07 Aug 2018 03:16 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आजकल लोगों के बीच स्नैपचैट का क्रेज बढ़ता जा रहा है। हर कोई स्नैपचैट पर अच्छा दिखता है। जिसका कारण है उसके अडफांस फिल्टर्स और एडिटिंग ऑप्शन्स। जिससे एक पल में ही व्यक्ति वास्तविकता से बिल्कुल अलग दिखने लगता है। अब इस आदत के घातक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
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डॉक्टर्स का कहना है कि स्नैपचैट का इस्तेमाल करने वालों को एक बीमारी हो रही है। इस बीमारी का नाम है 'स्नैपचैट डिसमोर्फिया'। यह एक प्रकार का मानसिक विकार है। जिसमें मरीज अपनी खुद की फिल्टर वाली सेल्फी जैसा दिखने के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी की इच्छा जाहिर करते हैं।
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डॉक्टर्स ने बताया कि कोई पॉकिमोन जैसे कान लगाने को तो नहीं कहता लेकिन मरीज भरे हुए होंठ, बड़ी आंखें और पतली नाक के लिए सर्जरी करवाना चाहते हैं। यह बात जामा फेशियल प्लस्टिक सर्जरी के एक लेख में कही गई है। यह लेख बोस्टन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन डिपार्टमेंट ऑफ डर्मेटोलॉजी के डॉक्टर्स द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है।

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इसमें कहा गया है कि ऐसे एप लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। स्नैपचैट के फिल्टर वास्तिवक चेहरे को लगभग ढंक देते हैं। लोगों को अपने काल्पनिक चेहरों से इतना प्यार हो जाता है कि वह वैसा बनने की चाह रखने लगते हैं। इसके लिए वह कॉस्मेटिक सर्जरी करवाने से भी परहेज नहीं करते। 
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वैसे तो यह एप बच्चों और युवाओं दोनों के बीच ही प्रचलित है। लेकिन ये बीमारी युवाओं में सबसे ज्यादा फैलती जा रही है। इससे बचने के लिए डॉक्टरों ने एप को कम इस्तेमाल करने की सलाह दी है। साथ ही माता पिता के लिए कहा है कि वह भी अपने बच्चों की तरफ ध्यान दें कि कहीं वह भी तो इस बीमारी के शिकार नहीं होते जा रहे।
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