लॉकडाउन के दौरान घर पर दिन भर बोझिल होती जिंदगी को अपनी शायरी और फनकारी से ‘गुलजार’ करने वाले गीतकार गुलजार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उन्हीं के अंदाज में सलाम पेश किया। स्मृति ने ट्विटर पर गुलजार के ही कुछ मशहूर गीतों के बोल के साथ अपने मन की बात रखी और इस महान कलमकार की सराहना की।
स्मृति ने लिखा- ‘जिनकी कलम से गिलहरी के झूठे मटर का स्वाद आ जाए मुंह में, जिन्होंने चप्पे चप्पे में चरखा चलवाया शब्दों का, जिनकी एक लकीर पे बडे़ से बड़ा सितारा छैयां छैयां करता हुआ, रेल की रफ्तार की तरह दिल से दिल को छू जाए, उनको सलाम’ क्यूंकि कलाम से कोरोना में भी, जिंदगी कहीं न कहीं गुलजार है।’
स्मृति ने लिखा, ऐसे कई लोग हमारे जीवन में होते हैं जो जाने अनजाने हम पर प्रभाव डालते हैं। उनकी जिंदगी, उनका काम लाखों को प्रेरणा देता है। उनके दिलों को छू जाता है। ऐसे ही एक शख्य से मैंने पूछा, सब खैरियत है सर? उन्होंने लिखा, मैं सालों से गुलजार साहब के काम से प्रेरित होती रही हूं। उनको धन्यवाद क्योंकि इनकी वजह से कोरोना संकट में भी हमारी जिंदगी गुलजार है।