किसानों से संबंधित विधेयकों के खिलाफ उठ रही आवाजों को लेकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सवाल उठाए हैं। ईरानी ने कहा कि ये विधेयक किसानों को सशक्त बनाने के लिए हैं और उनके हितों की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि ये विधेयक किसानों को आत्मनिर्भर बनाएंगे।
स्मृति ईरानी ने बुधवार को कहा कि ये विधेयक किसानों को उनकी उपज के मुक्त व्यापार की अनुमति देते हैं, किसानों की जमीन सुरक्षित रखते हैं और इस बात को सुनिश्चित करते हैं कि व्यापारी अधिकतम तीन दिन में किसान को भुगतान करे। फिर, विपक्ष इन विधेयकों का विरोध क्यों कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर अपने छह साल के कार्यकाल में नरेंद्रम मोदी ने देश के हित के लिए काम किए हैं, न कि राजनीतिक फायदों के लिए। साल 2014 और 2019 में उन्होंने भारत के मध्यम वर्ग (मिडिल क्लास) को मुक्त बनाने का वादा किया था।
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस को निशाने पर लिया और आरोप लगाया कि कांग्रेस सुधार नहीं चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था को लेकर चिंतित नहीं है। उनकी एकमात्र चिंता यह है कि मोदी सरकार सुधार क्यों ला रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अपने 10 साल के शासन के दौरान भी कांग्रेस स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू नहीं कर सकी। मोदी सरकार ने रिपोर्ट को लागू किया और डेढ़ गुना अधिक एमएसपी दी है। किसान सम्मान निधि योदना के तहक 10 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 90 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि भेजी गई है।
उन्होंने कहा,हमारे विधेयकों में तीन मुख्य बातें हैं। एक किसान अपनी उपज पूरे देश में कहीं भी और किसी को भी बेच सकता है और कीमत किसान तय करेगा। व्यापारी को तीन दिन के अंदर किसान को भुगतान करना होगा। समझौते में किसान की जमीन न बेची जा सकती है न ही गिरवी रखी जा सकती है। किसी भी स्थिति में जमीन से रिकवरी नहीं की जा सकती है।
ईरानी ने कहा कि यूपीए के समय में और एनडीए के समय में एमएसपी में जमीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने कहा, 'कृषि मंत्री ने फसलों की एमएसपी जारी कर दी है। हमने संसद में एमएसपी घोषित कर दी है। देश के किसानों से यह हमारा वादा है। मोदी सरकार ने घोषणा की है कि हम एपीएमसी एक्ट को नहीं छुएंगे और मंडी व एमएसपी व्यवस्था जारी रहेगी।'