भाजपा की वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल पर हवाला में शामिल रहे कारोबारी से जमीन खरीदने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सिब्बल और उनकी पत्नी ने उस व्यक्ति से ग्रैंड कैस्टेलो नाम की कंपनी का मालिकाना हक प्राप्त किया, जो यूपीए सरकार के दौरान सीबीआई के जांच के दायरे में था।
जवाब में सिब्बल ने कहा कि उनके खिलाफ ऐसा व्यक्ति आरोप लगा रहा है जिसे मनी लॉन्ड्रिंग का अर्थ भी नहीं पता। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी वैध कमाई से जमीन और मालिकाना हक प्राप्त किया। इसका मैंने कर भी अदा किया। सिब्बल ने कहा कि वह जल्द ही इस मामले में मानहानि का मामला दर्ज करेंगे।
स्मृति ईरानी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, साल 2013 में मई के महीने से 26 मई 2014 तक कपिल सिब्बल देश के कानून एवं न्याय मंत्री थे।
नवंबर 2013 में समाचार एजेंसी पीटीआई और बिजनेस टुडे पत्रिका में सीबीआई के एक केस के संदर्भ में एक खबर छपी। उस खबर के अनुसार एसबीआई के एक अफसर के खिलाफ सीबीआई जांच कर रही थी। इस व्यक्ति पर कर्ज वितरण में रिश्वत लेने का आ संबंधी आरोप था। जिस संदिग्ध व्यक्ति का उल्लेख इस रिपोर्ट के संदर्भ में प्रकाशित हुआ, वह वर्ड विंडो ग्रुप के चेयरपर्सन पीयूष गोयल थे।
सिब्बल और उनक पत्नी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी इसी व्यक्ति के साथ कारोबार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को इस पर अपनी राय बतानी चाहिए कि क्या यह उनके लिए स्वीकार्य है।