मंगलवार को ईरानी ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर कहा था कि केंद्रीय मंत्री होने के नाते उनका इसपर कुछ कहना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा था, 'ये तो कॉमन सेंस है। क्या आप पीरियड के ब्लड से सना हुआ सैनिटरी नैपकिन अपने दोस्त के घर में ले जाएंगे? नहीं ले जाएंगे और क्या आपको लगता है कि ऐसा हमें भगवान के घर यानी मंदिर जाते समय करना चाहिए? यही अंतर है और ये मेरी निजी राय भी है।'