इतना ही नहीं, सरकार वर्षा जल को संचित करने के लिए भी विशेष उपाय कर रही है, जिससे बाद में इस पानी का उपयोग कर पौधों और पार्कों की सिंचाई की जा सकेगी। इससे दिल्ली की जल के मामले में दूसरे राज्यों पर निर्भरता कुछ कम हो सकेगी। सड़कों के किनारे हरियाली बढ़ाने पर खूब जोर दिया जा रहा है। साथ ही इन सड़कों को दिव्यांग जनों के लिए चलने के लिए बेहद उपयुक्त बनाया जा रहा है।
सीएम अरविंद केजरीवाल ने समीक्षा बैठक के दौरान यूरोपीय शहरो की तर्ज पर विकसित की जा रही इन सभी सड़कों के प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि री—डिजाइन कर सड़कों को पुनर्विकसित करने का कार्य तेजी से चल रहा है और इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सड़कों के री-डिजाइन के बाद सड़क के आस-पास एक इंच जमीन भी खाली नहीं होगी, जहां पर घास न लगी हो, ताकि सड़क पर धूल से प्रदूषण बिल्कुल न हो। अभी सड़कों पर धूल उड़ने की समस्या है, जिससे लोगों को धूल प्रदूषण की समस्या होती है। सड़क के किनारे खाली जमीन पर ग्रीन बेल्ट या घास लगाई जाएगी, ताकि हरियाली की वजह से सड़कें खूबसूरत दिखें और धूल से होने वाला प्रदूषण कम किया जा सके।
सड़कों पर यह सुविधाएं होंगी-
- रिक्शा के लिए पार्किंग
- पार्किंग के लिए स्थान चिंहित
- ग्रीन बेल्ट
- पब्लिक ओपन स्पेस
- साइकिल लेन
- पैदल लेन
- सड़क की दीवारों पर विभिन्न तरह की डिजाइन का डिस्प्ले होगा
- सड़क के बगल में पार्क होगा तो उसे दीवार से ढंका नहीं जाएगा, ताकि सड़क से पार्क की खूबसूरती दिखे।