केंद्र सरकार स्मार्ट मिशन में चुने गये शहरों को अपने स्तर पर वित्तीय संसाधन जुटाने के लिये प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिये सरकार ने परामर्शदाता संस्थाओं का चुनाव किया गया है। इनकी मदद से स्थानीय शहरी निकाय बॉंड जारी करके राजस्व जुटा सकेंगे। मंत्रालय अधिकारियों के मुताबिक, परामर्शदाता संस्थायें सबसे पहले शहरी निकायों की क्रेडिट रेटिंग करेंगी। जिसके बाद संबंधित निकाय बांड जारी कर सकेगा। सोमवार को इसकी जानकारी सभी राज्यों के शहरी विकास सचिवों को दे दी गयी है।
दरअसल, स्मार्ट सिटी मिशन के दिशा-निर्देशों में प्रावधान था कि मिशन में चयनित स्थानीय निकायों को केंद्र व राज्य सरकारों से आर्थिक मदद तो मिलेगी ही। इसके साथ ही स्थानीय निकायों को अपने स्तर पर भी वित्तीय संसाधन जुटाने होंगे। इसके लिये निगमों को बॉड जारी करने की इजाजत दी गयी थी, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं से ऋण ले सकेंगे।
इस दिशा में आगे बढ़ते हुये केंद्र सरकार ने नौ परामर्शदाता संस्थाओं की पहचान की है। यह संस्थाएं संबंधित शहरों के स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) को तकनीकी मदद मुहैया करायेंगी। जिससे बाजार से संसाधन जुटाया जा सके। साथ ही विश्व बैंक के दिशा-निर्देशों पर शहरों की क्रेडिट रेटिंग भी करेंगी।
मंत्रालय अधिकारयिं ने बताया कि मिशन में चयनित सभी 60 शहरों की क्रेडिट रेटिंग का काम शुरू हो गया है। अगला चरण निगम बॉंड जारी करने का होगा। इसके आधार पर विश्व बैंक समेत दूसरी वैश्विक संस्थानों के साथ बाजार से भी राजस्व जुटाया जा सकेगा। नौ परामर्शदाता संस्थायें इस काम में स्थानीय निकायों की मदद करेंगी। सोमवार को सभी राज्यों के शहरी विकास सचिवों को इसकी जानकारी दे दी गयी है।
शहरी विकास में फ्रांस करेगा मदद
फ्रांसीसी उद्योग मंत्री करेस्टोपी सरग्यू ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू से मुलाकात की। इस दौरान फ्रांस ने पर्यावरण अनुकूल शहरी विकास की दिशा में शुरू हुई योजनाओं में सहयोग देने की रजामंदी दिखायी। वेंकैया नायडू ने फांसीसी मंत्री को बताया कि भारत सरकार शहरों में भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन के साथ मेट्रो आदि पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था के साथ पानी व बिजली के अक्षय स्रोतों के दोहन पर काम कर रहा है। इससे पर्यावरण बेहतर होगा। बताया गया कि जमीनी हकीकत जानने के लिये तीस नवंबर को फ्रांस का एक प्रतिनिधिमंडल आंध्र प्रदेश के अमरावती शहर का दौरा भी करेगा।