केंद्रीय मंत्री का दावा है कि सूरत, नागपुर, बड़ोदरा समेत करीब आठ शहरों में सिंगल कमांड सिस्टम का ढांचा तैयार कर लिया गया है। पहले तीन में यह काम कर रहा है। जबकि पुणे के कुछ हिस्से निगरानी में आ गये हैं। उम्मीद है कि अगले छह महीने में सूरत के तौर पर देश को पहला स्मार्ट शहर मिल जाये। कुछ ही महीने बाद बाकी बाकी आठ शहर भी स्मार्ट बन जायेंगे।
सीएजी रिपोर्ट में मिशन के तहत हुये सिर्फ 8.6 फीसदी काम होने पर स्पष्टीकरण देते हुये केंद्रीय शहरी विकास मंत्री ने कहा कि शुरुआती दौर में पेपर वर्क ज्यादा था। पूरे शहर के विकास का खाका व उसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के साथ एसपीवी, पीएमसी आदि के गठन पर वक्त लगना स्वाभाविक था।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि फिलहाल तेजी से काम आगे बढ़ रहा है। 90 स्मार्ट सिटी में से 85 में एसपीवी बन चुकी हैं। जबकि 61 शहरों में पीएमसी का सेलेक्शन हो चुका है। 8 सिटी जल्द ही पीएमसी को हायर कर लेंगी। 90 शहरों में 20 हजार करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट या तो पूरे कर लिये गये हैं, या फिर आखिरी चरण में हैं। वहीं, 15000 करोड़ रुपये के 277 प्रोजेक्ट टेंडर प्रोसेस में है। जबकि इन शहरों में करीब 1.39 लाख करोड़ रुपये का निवेश होना है।
आखिरी लिस्ट में चुने गये 9 शहर
-उत्तर प्रदेश के बरेली, मुरादाबाद और सहारनपुर
-बिहार का बिहार शरीफ
-अरुणाचल प्रदेश का इटानगर
-तमिलनाडु का इरोड
-दादरा नगर हवेली का सिलवासा
-लक्षदीप का कवारती
-दमन दीव का दीव