महाराष्ट्र में फूलों की खेती करने वाले किसानों के लिए कोरोना काल में चलाई गई किसान रेल वरदान साबित हुई है। इससे मराठवाड़ा के लातूर, उस्मानाबाद और आसपास के इलाकों में फूलों की खेती करने वाले छोटे किसानों की आय दोगुनी हो गई जिससे उनके जीवन में नई खुशहाली आई है।
मध्य रेल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि किसान रेल महाराष्ट्र के किसानों के जीवन में खुशहाली ला रही है, जिससे उन्हें पेरिशेबल सामान (फल और सब्जियां) की निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला और साथ ही सोलापुर, अहमदनगर, कलबुरगि से इस महामारी के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने में सक्षम बनाया गया है।
लातूर, उस्मानाबाद, नासिक, जलगाँव, अमरावती और महाराष्ट्र के नासिक जिले उत्तर भारत के विभिन्न नए बाजारों और दिल्ली एनसीआर, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र जैसे पूर्वी भागों में 12 मार्च 2021 तक, महाराष्ट्र से 61,252 टन पेरीशबल्स खेत की उपज किसान रेल की 200 ट्रिप्स के माध्यम परिवहन किया गया था, जिससे बड़ी संख्या में सीमांत किसान लाभान्वित हुए हैं।