Indian Army: दिवाली पर कर्नल संतोष महादिक के सहपाठियों ने उनकी यूनिट के जवानों के लिए 300 किलोग्राम मिठाइयां भेजी हैं। कर्नल महादिक कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर शहीद हो गए थे।
दिवाली पर कर्नल संतोष महादिक के सहपाठियों ने उनकी यूनिट के जवानों के लिए 300 किलोग्राम मिठाइयां भेजी हैं। कर्नल महादिक कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर शहीद हो गए थे। मिठाइयां 41 राष्ट्रीय राइफल यूनिट को भेजी गईं, जिसका उन्होंने नेतृत्व किया था।
विज्ञापन
स्कूल के सहपाठियों ने शुरू की पहल
कर्नल महादिक ने महाराष्ट्र के सतारा के सैनिक से पढ़ाई की थी। यह पहल उनके इसी स्कूल के सहपाठियों ने की है। उनके एक सहपाठी ने कहा, ऐसा हम हर दिवाली पर करते हैं। इस बार हमने उनके उन साथी सैनिकों के बारे में भी सोचा, जो कठिन मौसम और सीमा पार के दुश्मनों का सामना करते हैं। हमें लगा कि इससे सैनिकों में एक अच्छा संदेश जाएगा, जो दिवाली अपने परिवार से दूर मनाते हैं।
कुपवाड़ा में शहीद हुए थे कर्नल महादिक
नवंबर 2015 में कुपवाड़ा में एक ऑपरेशन के दौरान कर्नल महादिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिसके बाद उनका निधन हो गया था। वह फुटबॉल के गोलकीपर, घुड़सवाल और मुक्केबाज के रूप में भी जाने जाते थे।
विज्ञापन
वायु सेना के विमान से भेजी गईं मिठाइयां
मिठाइयां चंडीगढ़ से श्रीनगर हवाई अड्डे पर वायु सेना के एक विमान में भेजी गई। यह पहल ऑपरेशन दिवाली का हिस्सा है, जिसमें उनके वे सहपाठी शामिल हैं, जो सक्रिय और सेवानिवृत्त सेना के अधिकारी हैं। सीमा चौकियों पर मिठाइयों का वितरण सैनिकों में किया जाएगा। कर्नल महादिक को 2003 में उत्तर-पूर्व में ऑपरेशन राइनो के दौरान वीरता के लिए सेना पदक से सम्मानित किया गया था।