भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के उलट मानसून शनिवार को केरल के तट से टकराया है। निजी एजेंसी स्काईमेट ने इस बात का दावा किया है। भारतीय मौसम विभाग ने कहा था कि मानसून एक जून को केरल तट से टकराएगा, लेकिन अब दो दिन पहले ही इसकी आने की खबर है। हालांकि, भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने अभी आधिकारिक तौर पर इसका एलान नहीं किया है।
अच्छा मॉनसून भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। कोरोना वायरस के कहर ने भारत समेत वैश्विक अर्थव्यवस्था की कमर ही तोड़ दी है। अब मॉनसून की झमाझम बारिश देश में मंदी की मार को दूर करने में कारगर साबित हो सकती है। कृषि प्रधान भारत में मानसून सामान्य रहने से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। भारत में ज्यादातर किसान खरीफ की फसलों की सिंचाई के लिए बारिश पर निर्भर रहते हैं।
भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 48 घंटों के दौरान दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बनेगा। उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर और उसके बाद पश्चिम-दक्षिणपश्चिम की ओर इसकी बढ़ने की संभावना है। तीन जून तक यह गुजरात और उत्तर महाराष्ट्र के तटों की ओर बढ़ सकता है।