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SKM: अमेरिका के साथ FTA को लेकर एसकेएम ने पारित किया प्रस्ताव, सरकार को दी बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

Sun, 11 Jan 2026 11:22 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

SKM: संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते का विरोध करते हुए सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई और यूएपीए कानून रद्द करने की भी मांग की। एसकेएम की बैठक में क्या-क्या हुआ, पढ़िए-
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संयुक्त किसान मोर्चा - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने रविवार को एक प्रस्ताव पारित किया। इसमें अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का विरोध किया गया है, क्योंकि इसमें भारत सरकार से कृषि और डेयरी क्षेत्रों को खोलने की मांग की गई है। इस प्रस्ताव के जरिये सरकार को चेतावनी दी गई है। एसकेएम की बैठक में पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई की भी मांग की गई। 
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सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग की
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित बैठक में किसान संगठन की राष्ट्रीय परिषद ने यह प्रस्ताव पारित किया गया। एसकेएम ने एक अलग प्रस्ताव में कहा कि सोनम वांगचुक और उन लोगों को तत्काल रिहा किया जाए, जो पांच से बिना मुकदमे के जेल में हैं। उन्होंने साथ ही गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) को निरस्त करने की भी मांग की। 

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किसान संगठन ने बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
प्रस्ताव में किसानों और आम लोगों से अपील की गई कि वे 'अमेरिकी साम्राज्यवाद और कॉर्पोरेट ताकतों के दबाव में देश के हितों से समझौता करने के खिलाफ' आवाज उठाएं। एसकेएम ने चेतावनी दी कि अगर एनडीए सरकार आगामी बजट सत्र में विद्युत अधिनियम 2025 लागू करती है, तो किसान पूरे देश में व्यापक और मजबूत विरोध प्रदर्शन करेंगे, जो 2020-21 के ऐतिहासिक आंदोलन से भी बड़े होंगे।

सरकार से एसकेएम ने की ये मांग
बैठक में 16 जनवरी को होने वाले अखिल भारतीय प्रतिरोध दिवस पर किसानों की बड़ी भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय भी लिया गया। एसकेएम ने कहा कि इस दिवस पर जिला स्तर पर प्रदर्शन और ब्लॉक व गांव स्तर पर जनता के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिसमें बिजली बिल और बीज बिल रद्द करने, विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीजी-राम जी) और चार श्रम संहिताओं को रद्द करने की मांग की जाएगी।
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बैठक में लंबे समय से उठाए जाने वाली अन्य मांगों को भी शामिल किया गया। इन मांगों में सभी फसलों के लिए सी2+50 प्रतिशत फार्मूले के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) कानून बनाना, किसानों को ऋणमुक्त करने के लिए व्यापक कर्जमाफी देना, किसान आत्महत्याओं को रोकना, भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 (एलएआरआर) लागू करना, राज्यों के संघीय अधिकारों की रक्षा और जीएसटी अधिनियम में संशोधन के जरिये कराधान शक्ति लौटाना शामिल हैं। 

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