ओडिशा के कालाहांडी जिले के करलापट वन्यजीव अभयारण्य में एक जलाशय के नजदीक एक और हथिनी मृत पाई गई है इसके साथ ही दो सप्ताह में मरने वाले हाथियों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। एक वन अधिकारी ने बताया कि इस महीने 14 दिन के भीतर करलापट वन्यजीव अभयारण्य में पांच हथिनी और हाथी के एक बच्चे की मौत हुई है साल 2018 की गणना के अनुसार अभयारण्य में 17 हाथी मौजूद थे।
कालाहांडी के दक्षिणी संभाग के संभागीय वन अधिकारी अशोक कुमार और उनकी टीम तथा पशु चिकित्सक इस क्षेत्र में निगरानी के उद्देश्य से जुटे हैं अधिकारी ने बताया कि हाथियों की मौत हेमरिज सेप्टीसीमिया की वजह से हुई है।
ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वन्यजीव स्वास्थ्य केंद्र के समन्वयक, भुवनेश्वर निरंजन साहू ने करलापट का मुआयना करने के बाद कहा है कि हाथी की मौत एचएस की वजह से होना जान पड़ता है एक हाथी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रयोगशाला रिपोर्ट भी एचएस की तरफ ही इशारा करती है साहू ने बताया है कि अगर मवेशियों का टीकाकरण नहीं हुआ हो तो वह इस बीमारी से संक्रमित हो जाते हैं।
उन्होंने कहा है कि शायद यह पहला मामला है जब हाथी भी इस बीमारी से संक्रमित हुए हैं उन्होंने कहा है कि अभयारण्य के भीतर स्थित गांवों में पालतू मवेशियों का टीकाकरण अभियान शुरू हुआ है और वन कर्मियों की मदद के जरिये पशु चिकित्सक संक्रमण मुक्त करने का काम भी कर रहे है।