नोटबंदी को लेकर राज्यसभा में जारी चर्चा के बीच शुरूआती उपस्थिति के बाद दोबारा प्रधानमंत्री के न आने पर विपक्ष ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने इस पर प्रधानमंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि वह आए और कुछ देर बाद भाग गए। आखिर वह चर्चा से क्यों बच रहे हैं। येचुरी ने तल्ख लहजे में कहा मोदी सदन में तो आए लेकिन बिना बोले ही भाग गए।
येचुरी ने मनमोहन सिंह से तुलना करते हुए कहा कि पूर्व में जब टूजी घोटाले पर प्रधानमंत्री के बयान की मांग की गई थी तो वह दो दिन तक चर्चा के दौरान मौजूद रहे थे और बयान भी दिया था लेकिन मौजूदा प्रधानमंत्री चर्चा से ही दूर भागते रहते हैं। येचुरी ने कहा हमने इसके विरोध में प्रधानमंत्री के खिलाफ सदन की अवमानना का नोटिस महासचिव को सौंप दिया है।
येचुरी ने कहा कि सरकार के इस फैसले के कारण चार लाख से ज्यादा लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है जबकि 31.9 लाख से ज्यादा लोग टेक्स्टाइल और गर्वनमेंट सेक्टर में तनख्वाह पाने के लिए जूझ रहे हैं। येचुरी ने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है।