सीताराम येचुरी दोबारा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव चुने गए हैं। 22वां कांग्रेस सम्मेलन हैदराबाद में चल रहा है और यही सीताराम के दोबारा पद पर बने रहने की घोषणा की गई है। येचुरी से पहले नौ साल तक प्रकाश करात इस पद पर बने रहे थे।
आंध्र प्रदेश के रहने वाले येचुरी उदारवादी सोच वाले नेता माने जाते हैं और अर्थशास्त्र तथा गठजोड़ की राजनीति के माहिर हैं। सीतराम येचुरी इससे पहले पार्टी के अंदरूनी फोरम पर पार्टी की कुछ नीतियों पर सवाल भी लगातार उठाते रहे हैं।
येचुरी ने कई बार कहा है कि हमें पार्टी संगठन को मजबूत करना होगा ताकि देश की पार्टी के सामने की चुनौतियों का सामना कर सकें। ऐसा इसलिए भी जरूरी है क्योंकि पूंजीवाद में संकट गहरा गया है और समाजवाद के संघर्ष को मजबूत किए बिना लोगों के लिए कोई निजात नहीं है।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद भारतीय इतिहास को दोबारा लिखने के प्रयास हो रहे हैं। सांप्रदायिकता फैल रही है और लोकतांत्रिक परंपराएं कमजोर हो रही हैं। इसी का सामना करना हमारे लिए चुनौती है।