बिहार के इंटर टॉपर घोटाले में 32 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर दिया गया है। आरोपियों में बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर और बच्चा राय भी शामिल हैं। एसआईटी ने 90 दिन बाद सोमवार को निगरानी कोर्ट में यह चार्जशीट दाखिल की। मामले की जांच कर रही एसआईटी के अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों में बीएसईबी के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह, उनकी पत्नी उषा सिन्हा, बच्चा राय और पूर्व सचिव हरिहर नाथ झा के नाम भी शामिल हैं। इस मामले में आगे भी जांच चलती रहेगी और इसमें कई और लोगों की गिरफ्तारी तय मानी जा रही है।
करीब चार हजार से अधिक पेज में लिखी गई केस डायरी में उन साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है, जो स्कूल, बोर्ड और घरों से बरामद हुए हैं। आरोपियों के खिलाफ किए गए 164 के बयान, सरकारी गवाहों की गवाही और भारी-भरकम दस्तावेज पर ही मामले के आरोपियों की सजा की उम्मीद टिकी हुई है।
पुलिस का दावा है कि वे इन सबूतों को अदालत में पेश कर आरोपियों के बरी होने का रास्ता रोकेगी। मामले में बोर्ड के पूर्व चेयरमैन लालकेश्वर प्रसाद उनकी पत्नी उषा सिन्हा, अमित उर्फ बच्चा राय, हरिहरनाथ झा समेत अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें अब सजा दिलाने की तैयारी है।
मालूम हो कि टॉपरों का सच कैमरा के सामने आने के बाद छह जून, 2016 को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के निदेशक राजीव रंजन के आवेदन पर कोतवाली में बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन लालकेश्वर प्रसाद, चार टॉपरों समेत बोर्ड के अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। मामले में गिरफ्तारियां होने के साथ-साथ जांच का दायरा बढ़ता गया, वैसे ही आरोपियों की संख्या भी बढ़ती गई। पुलिस की एसआईटी टीम ने पटना, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, नालंदा समेत कई जिलों में जम कर छापेमारी की और रिजल्ट घोटाले के कई आरोपियों को पकड़ा।