13 मई की इस घटना के बाद भादंसं की धारा 295 यानी धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाना या अपवित्र करने के तहत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
महाराष्ट्र के नासिक में प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर मंदिर में दूसरे धर्म के लोगों के जबरन घुसने के कथित प्रयास की शुक्रवार को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जांच शुरू की। एसआईटी के प्रमुख सुखविंदर सिंह ने देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक त्र्यंबकेश्वर मंदिर का दौरा किया। उन्होंने घटना से संबंधित सीसीटीवी कैमरा फुटेज की जांच की और मंदिर के न्यासियों से भी मुलाकात की।
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गौरतलब है कि 13 मई की इस घटना के बाद भादंसं की धारा 295 यानी धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाना या अपवित्र करने के तहत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सुखविंदर सिंह ने यहां मीडिया से कहा, मैं कुछ लोगों से मिला हूं और कुछ और लोगों से मिलूंगा। संबंधित दस्तावेज देखकर निर्णय लिया जाएगा। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था।
बता दें कि 13 मई की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि करीब पांच से छह लोग चादर लेकर मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा गार्ड उन्हें पवित्र मंदिर के बाहर रोक देते हैं। ये घटना शनिवार की बताई जा रही है।
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घटना के बाद डिप्टी सीएम के कार्यालय ने कहा था कि एसआईटी न केवल इस घटना की जांच करेगी, बल्कि पिछले साल की घटना की भी जांच करेगी, जब एक निश्चित भीड़ मुख्य प्रवेश द्वार के माध्यम से त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर में प्रवेश कर गई थी। फिलहाल मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।