देबांजन देब पर टीएमसी के कई नेताओं के साथ उसके नजदीकी की बात सामने आई है। वहीं पुलिस को तलाशी के दौरान उसके कार्यालय से नकली कोविशील्ड वैक्सीन के साथ-साथ फाइजर वैक्सीन की लेबल लगी वैक्सीन भी जब्त की गई है।
पश्चिम बंगाल में नकली कोरोना वैक्सीन घोटाले मामले की जांच के लिए कोलकाता पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एसआईटी का गठन कर दिया है। कोरोना वैक्सीन का कैंप लगाने वाले फर्जी आईएएस अधिकारी देबांजन देब इसमें मुख्य आरोपी हैं।
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देबांजन देब पर टीएमसी के कई नेताओं के साथ उसके नजदीकी की बात सामने आई है। वहीं पुलिस को तलाशी के दौरान उसके कार्यालय से नकली कोविशील्ड वैक्सीन के साथ-साथ फाइजर वैक्सीन की लेबल लगी वैक्सीन भी जब्त की गई है। इसके साथ ही उस पर 90 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का भी आरोप लगा।
नकली वैक्सीन रैकेट को लेकर राजनीति तेज
वहीं नकली वैक्सीन रैकेट चलाने वाले व्यक्ति की तस्वीरें टीएमसी नेताओं के साथ होने पर पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि राज्य में पहले से ही कोविड वैक्सीन घोटाला हो रहा था अब यह खुलकर सामने आ गया है। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। टीएमसी के बड़े मंत्री इस घोटाले में शामिल हैं।
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वहीं टीएमसी के सुखेंदु शेखर रॉय ने आरोप पर कहा कि हमारी सांसद मिमी चक्रवर्ती के प्रयासों से अब तक कोलकाता में नकली वैक्सीन कैंप का पता चला है। मिमी फर्जी अधिकारियों को गिरफ्तार करने में अहम भूमिका निभाई है। इसलिए इसका श्रेय टीएमसी सांसद को जाना चाहिए लेकिन भाजपा हमारे खिलाफ अफवाह फैला रही है।