Sabarimala Temple Gold Theft Probe: सबरीमाला मंदिर में करीब 4.54 किलो सोने की चोरी के मामले में एसआईटी नए सैंपल को लेने के लिए मंदिर पहुंच गई है। वहीं मामले में केरल हाईकोर्ट की सख्ती के बाद मामले से जुड़े वित्तीय गड़बड़ियों की जांच भी शुरू हो गई है।
केरल के सबरीमाला मंदिर में सोने की कथित चोरी और वित्तीय गड़बड़ियों के मामले में जांच तेज हो गई है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) गुरुवार को मंदिर पहुंची ताकि नए सैंपल लेकर वैज्ञानिक जांच कर सके। एसआईटी टीम सुबह पंपा बेस कैंप पहुंची और दोपहर तक सन्निधानम पहुंच गई। केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में नए सैंपल लेने की अनुमति दी थी, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई।
क्या है पूरा मामला?
मामला करीब 4.54 किलो सोना गायब होने के आरोप से जुड़ा है। आरोप है कि 2019 में मंदिर के पवित्र हिस्सों, जैसे श्रीकोविल के दरवाजे और द्वारपालक मूर्तियों, की मरम्मत और दोबारा गोल्ड प्लेटिंग के नाम पर सोने की हेराफेरी की गई। इस विवाद की जड़ 1998 की वह दान राशि है, जब उद्योगपति विजय माल्या ने मंदिर को 30.3 किलो सोना और 1900 किलो तांबा दान दिया था। बाद की जांच में दान किए गए सोने और इस्तेमाल हुए सोने में अंतर पाया गया। इसी मामले में पूर्व देवस्वोम बोर्ड अध्यक्ष एन. वासु को 90 दिन जेल में रहने के बाद जमानत मिल गई क्योंकि अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई थी। वे इस केस में पांचवें आरोपी हैं जिन्हें जमानत मिली है।
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उधर, केरल हाईकोर्ट को सबरीमाला की वित्तीय व्यवस्था से जुड़े दो और गंभीर मामलों की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल हुए ग्लोबल अय्यप्पा मीट में कई नियमों का उल्लंघन हुआ। जैसे-
बिना टेंडर के ठेके दिए गए
सही बिल और हिसाब नहीं रखा गया
कुछ काम अनुमान से कई गुना महंगे हुए (₹2 लाख का काम ₹8 लाख तक पहुंच गया)
करीब ₹2 करोड़ की स्पॉन्सरशिप राशि का हिसाब साफ नहीं है
कर्मचारियों द्वारा संदिग्ध पैसे ट्रांसफर करने का मामला
वहीं तीर्थ सीजन के दौरान अस्थायी कर्मचारियों द्वारा संदिग्ध पैसे ट्रांसफर करने का मामला भी सामने आया है। जांच में पता चला कि कुछ कर्मचारियों ने थोड़े समय में ही पोस्ट ऑफिस और बैंक के जरिए 14 लाख से ज्यादा रुपये भेजे। शक है कि यह पैसा अवैध तरीके से कमाया गया हो। कोर्ट ने 2025-26 सीजन के सभी लेन-देन की जांच का आदेश दिया है और तीन हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है।