तिरुपति मंदिर के प्रसाद को लेकर हुआ विवाद
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
आंध्र प्रदेश में पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के लड्डू प्रसाद में मिलावट के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। राज्य पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एसआईटी का गठन
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने महीने की शुरुआत में पांच अधिकारियों की एक एसआईटी बनाई। इसमें दो सीबीआई, दो आंध्र प्रदेश पुलिस और एक एफएसएसएआई के अधिकारी शामिल हैं। शीर्ष कोर्ट ने आदेश दिया था कि तिरुपति लड्डू बनाने में पशुओं की चर्बी के इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए एक स्वतंत्र एसआईटी गठित की जाए।
लड्डू प्रसाद में मिलावट के आरोपों की जांच शुरू: पुलिस अधिकारी
एसआईटी के सदस्य और आंध्र प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने बताया कि जांच शुरू हो चुकी है। हालांकि उन्होंने पूरी जानकारी नहीं दी। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के रिकॉर्ड की जांच की है, जिसमें पिछली सरकार के दौरान घी की खरीद और उसकी गुणवत्ता की प्रक्रिया की जांच की गई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि एसआईटी की जांच उस प्राथमिकी पर आधारित है, जो राज्य सरकार ने तिरुपति पूर्व थाने में इस मुद्दे पर दर्ज की थी।
एन चंद्रबाबू नायडू ने पिछली वाईएसआरसीपी सरकार पर लगाया था आरोप
सुप्रीम कोर्ट ने अपने चार अक्तूबर के आदेश में कहा था (लड्डू में) पशुओं की चर्बी के आरोपों की जांच सीबीआई की निगरानी में एसआईटी करेगी। यह आदेश भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी और वाईएसआरसीपी के राज्यसभा सांसद वाईवी सुब्बा रेड्डी सहित अन्य की याचिकाओं पर दिया गया था। इससे पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सितंबर में आरोप लगाया था कि पिछली वाईएस जगन मोहन रेड्डी सरकार के दौरान तिरुपति लड्डू बनाने में पशुओं की चर्बी का इस्तेमाल किया गया था, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
वाईएसआरसीपी ने किया था नायडू पर पलटवार
इसके बाद वाईएसआरसीपी ने चंद्रबाबू नायडू पर 'राजनीतिक लाभ के लिए घृणित आरोप' लगाने का आरोप लगाया था। जबकि राज्य की सत्ताधारी तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) ने अपने दावों की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला की एक रिपोर्ट साझा की थी।
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