दुष्कर्म के आरोपी पूर्व बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाली ननों में से एक सिस्टर लूसी कलाप्पुरा ने अपनी आत्मकथा 'कर्थाविन्ते नामथिल' (ईश्वर के नाम पर) को लेकर कहा है कि किताब में पुजारियों और बिशप द्वारा यौन उत्पीड़न के बारे में लिखा गया है। सिस्टर लूसी ने कहा कि यह बात सब जानते हैं लेकिन सब मौन हैं।
सिस्टर लूसी ने कहा, 'मैंने साल 2004-05 में लिखना शुरू किया था क्योंकि साल 2000-03 के दौरान मेरा अनुभव बहुत बुरा रहा। मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। मैंने सोचा कि इस सबका एक रिकॉर्ड रखना बेहतर होगा। इसलिए मैंने थोड़ा-थोड़ा लिखना शुरू किया।'
उन्होंने कहा, कैथोलिक चर्च के नेता, जिन्होंने पीड़ित सिस्टर्स का समर्थन किया था, अब उनके खिलाफ बोलने लगे हैं और आरोपी का समर्थन करने लगे हैं। यह ईसा मसीह की शिक्षाओं के खिलाफ है। इससे मुझे तकलीफ हुई और मैंने सोचा कि ये जो भी हो रहा है इसे छपना चाहिए, जिससे लोगों तक असल बात पहुंच सके।