एसआईआर, चंदा चोरी और यूजीसी के नए नियम आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा की मुश्किल बढ़ा सकते हैं। यह आशंका किसी विपक्षी दल ने नहीं, बल्कि भाजपा के अपने नवनियुक्त प्रदेश प्रभारियों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सामने जताई है। बैठक में उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच दूरी की चर्चाओं का मुद्दा भी उठा, जिस पर नबीन ने साफ कहा कि योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा आशीर्वाद प्राप्त है और ऐसी भ्रामक सूचनाओं का जवाब दिया जाना चाहिए।
मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में हुई करीब चार घंटे की इस बैठक में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और सौदान सिंह भी मंच पर मौजूद थे। हाल में संगठन में हुए व्यापक फेरबदल के बाद सभी नवनियुक्त प्रभारियों और सह प्रभारियों की यह पहली औपचारिक सामूहिक बैठक थी। नवीन ने बैठक की शुरुआत में ही सभी से अपनी बात खुलकर और बेझिझक रखने को कहा। इसके बाद ज्यादातर प्रभारियों ने अपने राज्यों की जमीनी तस्वीर बिना लाग लपेट के सामने रखी।
एसआईआर पर भ्रम, यूजीसी नियमों पर अगड़ों में नाराजगी : सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और मणिपुर समेत चुनावी राज्यों के प्रभारियों में अधिकतर की चिंता यह थी कि एसआईआर उनके राज्य में बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है। प्रभारियों का कहना था कि चुनाव आयुक्तों को लेकर हाल में सामने आई बातों को विपक्ष ने जिस तरह भुनाया है, उससे जनता के बीच भ्रम और शंका बढ़ी है। उत्तर भारतीय राज्यों के प्रभारियों ने यूजीसी के नए नियमों पर चिंता जताई। कहा-तुरंत कदम उठाने चाहिए। चढ़ावा चोरी पर भी कुछ आशंकाएं साझा की गईं।
गलत सूचना का जवाब-सच जनता तक पहुंचाएं
नवीन ने प्रभारियों से कहा कि कांग्रेस की ओर से फैलाई जा रही नकारात्मक सूचनाओं का सच जनता के सामने रखें। एसआईआर पर तीनों चुनाव आयुक्तों ने एक साथ आकर जो स्थिति स्पष्ट की है, उससे भी लोगों को अवगत कराएं। उन्होंने चुनावी राज्यों में आपसी कलह, अंदरूनी खींचतान और भितरघात रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्देश भी दिया।
यूपी-दिल्ली की दूरी पर दो टूक
बैठक में एक प्रभारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच दूरी की खबरें आती रहती हैं, जो पार्टी के लिए दिक्कत पैदा करती हैं। इस पर नवीन ने कहा कि ऐसी भ्रामक सूचनाओं का प्रतिकार करना है, क्योंकि योगी जी को प्रधानमंत्री का पूरा आशीर्वाद प्राप्त है।
बिहार के लिए अलग नुस्खा
नवीन ने बिहार के प्रभारी हरीश द्विवेदी से कहा कि बिहार को उत्तर प्रदेश से थोड़ा अलग नजरिये से देखना होगा। उन्होंने सलाह दी कि बिहार में जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर ही रणनीति बनानी होगी।
युवाओं से संपर्क जिम्मेदारी
नवीन ने प्रभारियों से कहा कि प्रभारी नियमित रूप से राज्यों का दौरा करें, अलग अलग क्षेत्रों में युवाओं से सीधे बात करें और बूथ स्तर की बैठकों में उनकी राय को प्राथमिकता दें। युवाओं की अपेक्षाएं राज्य सरकार तक ले जाएं और पूरा ब्योरा नियमित रूप से केंद्रीय नेतृत्व को दें। उन्होंने साफ कहा कि जिन राज्यों में पार्टी सत्ता में है, वहां सरकार और संगठन के बीच मतभेद स्वीकार नहीं होंगे।