हाल ही में सावन महीने में संपन्न हुए कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों को हर सुविधा उपलब्ध कराकर दिल्ली सरकार ने कांवड़ियों के बीच अपनी खास जगह बनाई थी। सरकार ने अब नवरात्रों और दशहरे के दौरान होने वाली रामलीलाओं को विशेष सहायता देने की योजना बनाई है। इसके अंतर्गत सभी रामलीला कमेटियों को सभी प्रकार की अनुमति लेने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के अंदर आवेदन करना होगा। इससे उन्हें अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
बुधवार को एक विशेष बैठक कर दिल्ली सरकार ने निर्णय लिया है कि रामलीला कमेटियों के सामने आने वाली हर समस्या के समाधान के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी। इसमें दिल्ली सरकार, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और रामलीला कमेटियों से जुड़े लोग शामिल होंगे। राम लीला कमेटियों के सामने किसी भी प्रकार की समस्या आने पर इस समिति के पास अपील की जा सकेगी और इसका तुरंत समाधान पाया जा सकेगा। रामलीला समिति के लोग इसे बड़ा सुधार बता रहे हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को इस मसले पर एक मीटिंग करने के बाद कहा कि इस बार राजधानी में रामलीला का मंचन 22 सितंबर से 02 अक्टूबर तक होने जा रहा है। राजधानी में 600 बड़ी रामलीलाओं का मंचन किया जाता है। पिछले कुछ वर्षों से रामलीला आयोजकों को मंचन के लिए कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। उन्हें जमीन मिलने में देरी होती थी। कई प्रकार के एनओसी के चलते रामलीला मंचन में दिक्कतें आ रही थीं। लेकिन इन समस्याओं के समाधान के लिए अब सिंगल विंडो सिस्टम तैयार किया जाएगा जिससे उन्हें अब ये समस्याएं नहीं होंगी।