पूरा देश पीवी सिंधु की सफलता में शरीक है, लेकिन दक्षिण भारत के दो राज्यों में सिंधु को अपना बताने की होड़ लग गई है। सिंधु को लेकर भारतीयों की उम्मीदों के सातवें आसमान पर पहुंचने से पहले ही शुक्रवार को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश सिंधु पर अपना-अपना दावा जताने लगे।
दोनों राज्यों ने सिंधु को अपनी 'अम्माई' (तेलुगु में लड़की) बताया है।
कुछ का कहना है कि सिंधु हैदराबाद में जन्मीं और पली बढ़ी इसलिए वह तेलंगाना की 'बिड्डा' हैं। इसके जवाब में कहा गया कि सिंधु विजयवाड़ा से हैं इसलिए वह आंध्र प्रदेश की 'अम्माई' (तेलुगु में लड़की) हैं। इनमें से कइयों ने, तो पीवी सिंधु की जाति का पता लगा लिया है, क्योंकि उनके माता-पिता ने लव मैरिज किया था।
इसमें एक तीसरा पक्ष भी है, जो रक्षात्मक ढंग से खेल रहा है। और ये पक्ष सिंधु को तेलुगु 'तेजम' बता रहा है। दूसरी ओर राष्ट्रवादी समूह सिंधु को भारतीय कह रहे हैं।
सिंधु की मां विजयलक्ष्मी ने कहा कि मेरी बेटी पहले भारतीय है और हम सबको मिलकर उसकी जीत का जश्न मनाना चाहिए और किसी बहस में नहीं पड़ना चाहिए।
गौरतलब है कि सिंधु का जन्म सिकंदराबाद में हुआ और मर्रेडपल्ली में वह पली बढ़ी। उनके पिता साउथ सेंट्र्ल रेलवे में स्पोर्ट्स ऑफिसर हैं।
सोशल मीडिया पर तेलंगाना के समर्थकों का कहना है कि सानिया मिर्जा की जगह पीवी सिंधु को राज्य का ब्रैंड एंबेसडर बनाया चाहिए।
सिंधु के पिता का जन्म तेलंगाना के आदिलाबाद जिले के निर्मल क्षेत्र में हुआ था, जबकि उनकी मां विजयलक्ष्मी विजयवाड़ा के एक बिजनेसमैन की बेटी है। पति-पत्नी दोनों बॉलीवाल के खिलाड़ी रहे हैं।