प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर थे जिन पर लिखा था कि पाकिस्तान सिंधी हिंदुओं का जातीय सफाया बंद करो, करूंझर (पहाड़ी) को काटना प्रकृति, सिंध और मानवता के खिलाफ अपराध है और बाढ़ के लाखों सिंधी पीड़ित अब भी बेसहारा हैं। उन्होंने सिंधी राजनीतिक कार्यकर्ताओं की तस्वीरें भी लगाईं, जिन्हें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने अगवा किया, प्रताड़ित किया और मार डाला। सिंधी हिंदू लड़कियों की तस्वीरें भी दिखाई गईं, जिन्हें जबरन अगवा किया गया और इस्लाम में परिवर्तित कर दिया गया।
विश्व सिंधी कांग्रेस के महासचिव लखू लुहाना ने कहा कि राज्य ढह हो रहा है और क्षेत्र में मानवाधिकारों की स्थिति बिगड़ रही है। उन्होंने कहा, सिंध में हजार मुद्दे हैं, क्योंकि यह ढह रहा है। वहां खुफिया के अलावा वास्तव में कोई अन्य संस्था नहीं है। वे और ज्यादा आक्रामक, निर्दयी और क्रूर होते जा रहे हैं। इसलिए, मानवाधिकारों की स्थिति हर मोर्चे पर बिगड़ती जा रही है। सिंधी हिंदू लड़कियों का जबरन अपहरण किया जा रहा है, उन्हें जबरन गायब किया जा रहा है या उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा, पाकिस्तान सरकार गिरोहों को प्रोयोजित कर रही है। वे आते हैं, लोगों का अपहरण करते हैं और फिरौती देने के बाद भी नहीं छोड़ रहे हैं। ये गिरोह सोशल मीडिया पर आकर सेना के जिंदाबाद के नारे लगाते हैं। तो आप समझ सकते हैं कि वे कहां से आ रहे हैं। लुहाना ने आगे कहा कि पाकिस्तान सरकार गरीब लोगों की जमीन कब्जा रही है और कुपोषण व गरीबी की स्थितियों के बीच स्थानीय लोगों को पूरी तरह से छोड़ दिया गया है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्षेत्र में पाकिस्तान के अत्याचार रोकने के लिए उस पर दबाव बनाने का भी आह्वान किया। लुहाना ने कहा, वे हमारी जान ले रहे हैं क्योंकि जमीन हमारा जीवन है। उन्होंने फैसला किया कि वे 1.3 मिलियन एकड़ जमीन लेंगे। लोग भूख, कुपोषण, गरीबी से मर रहे हैं। हाल ही में बाढ़ आई थी, यह सबसे खराब स्थिति है, और वे सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्हें परवाह नहीं है। वे परेशान नहीं हैं। इसलिए, हम अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अनुरोध करते हैं कि वे इन अपराधों को रोकने के लिए पाकिस्तान पर दबाव डालें। इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, उन्हें अब कार्रवाई करनी चाहिए।