अभी कुछ दिन पहले गिर के जंगलों से खुशखबरी आई थी की इस बार शेरों की सख्या में इजाफा हुआ है। गिर के जंगलों में इस बार शेरों की प्रजनन दर अच्छी रही है। इसी गिर के जंगल से जुड़ी एक सच्चाई यह भी है की 1 जनवरी से 26 जून तक 74 बाघ मारे जा चुके है।
इंडियनएक्सप्रेस की खबर के मुताबिक गिर के जंगलो में अवैध शिकारियों के शिकार करने और वन अभ्यरण अधिकारीयों की लापरवाई की वजह से ही 1 जनवरी से 26 जून तक के इतने कम समय में 74 बाघों की जान गई। खबर है कि शिकारी यहां अवैध तरीके से बाघों का शिकार करते है।
जिससे की वो उनके खाल, दांत, हड्डी और शरीर के अन्य अगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेच सकें। बाघों की लगातार हो रही मौत पर वाइल्डलाइफ प्रोटेंशन सोसायटी ऑफ इडिंया ( डब्ल्यूपीएसआई ) ने जनवरी से जून तक के आंकड़े पेश किये है।