पायलट प्रोजेक्ट के तहत मासिक जीएसटी रिटर्न भरने के लिए नए सरलीकृत फॉर्म 1 अप्रैल से उपलब्ध नहीं होंगे। नए फॉर्म अधिसूचना जारी होने एवं सॉफ्टवेयर तैयार होने के बाद जारी किए जाएंगे। नई तिथि की घोषणा जल्द ही की जाएगी। जुलाई, 2019 से इसे पूरे देश में अनिवार्य किया जाना है। दरअसल, जीएसटी परिषद ने सरलीकृत जीएसटी रिटर्न फॉर्म (सहज एवं सुगम) को पायलट प्रोजेक्ट के तहत 1 अप्रैल, 2019 से जारी करने का फैसला पिछले साल जुलाई में ही किया था।
केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने पिछले साल जुलाई में जीएसटी रिटर्न फॉर्म के संबंध में मसौदा पेश किया था। साथ ही हितधारकों से राय भी मांगी थी। एक अधिकारी ने बताया कि नए फॉर्मेट के तहत ऐसे करदाता जिनकी किसी एक वित्त वर्ष की किसी तिमाही में कोई खरीद नहीं है, न ही कोई आउटपुट कर देनदारी है और न ही कोई इनपुट टैक्स क्रेडिट बनता है, उन्हें उस पूरी तिमाही के लिए‘शून्य’ रिटर्न ही दाखिल करनी होगी। तिमाही रिटर्न भरने की सुविधा एसएमएस से भी उपलब्ध होगी।
जीएसटी रिटर्न भरने के नए सरलीकृत फॉर्म से जीएसटीआर-1 भरने की अंतिम बिक्री रिटर्न भरने की मौजूदा आवश्यकता बदल जाएगी। हालांकि, योजना के तहत जीएसटीआर-3बी रिटर्न भरना अभी कुछ समय तक जारी रहेगा। अधिकारी के मुताबिक, नए फॉर्म के लिए कंप्यूटर प्रणाली की व्यवस्था की जा रही है। पिछले वित्त वर्ष में पांच करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले छोटे करदाता स्व-घोषणा के आधार पर मासिक कर का भुगतान करने के साथ प्रत्येक तिमाही में रिटर्न भर सकते हैं।
जीएसटी जमा करने को अंतिम दिन भी प्रेरित करते रहे अधिकारी
वित्त वर्ष 2018-19 के जीएसटी संग्रह के तय लक्ष्य को पाने के लिए कर अधिकारी 31 मार्च को समाप्त हुए चालू वित्त वर्ष के आखिरी दिन रविवार को भी जीएसटी जमा करने को कंपनियों को प्रेरित करते रहे। मार्च के जीएसटी संग्रह के आंकड़े 1 अप्रैल (सोमवार) को जारी होने वाले हैं। एक अधिकारी के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के अंतिम दिन रविवार होने के बावजूद कर संग्रह कार्यालय एवं सरकारी लेनदेन करने वाली बैंक शाखाओं को खुला रखा गया। दरअसल, गैर-ईडीआई (इलेक्ट्रॉनिक डाटा एक्सचेंज) पोर्ट्स द्वारा एकत्रित करों को प्रणाली में प्रतिबिंबित होने में चार-पांच दिन लगते हैं। वहीं, सरकार की योजना 10 अप्रैल तक पूरे वित्त वर्ष के लिए संपूर्ण आंकड़े जारी करने की है।