नेपाल में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बीच सिक्किम सरकार ने पड़ोसी देश की मदद के लिए राहत अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने सोमवार को ‘सिक्किम फॉर नेपाल’ अभियान के तहत राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता लेकर जा रहे दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा की ओर से चलाया जा रहा है।
नेपाल के कई हिस्सों में भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से बड़े पैमाने पर जन-धन की क्षति हुई है। अब तक कम से कम 788 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। तिब्बत-नेपाल सीमा के पास भोटेकोशी नदी का इलाका सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। कई स्थानों पर मकान और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
नेपाल से भावनात्मक रिश्ते का हवाला
राहत दल को रवाना करते हुए मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सिक्किम नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने सिक्किम और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक, भावनात्मक और ऐतिहासिक संबंधों का भी उल्लेख किया।
राहत दल प्रभावित इलाकों में आवश्यक वस्तुओं के साथ चिकित्सा सहायता भी पहुंचाएगा। नेपाल में अभी बचाव और राहत अभियान जारी है। लापता लोगों की तलाश के साथ प्रभावित परिवारों तक जरूरी सामान पहुंचाना प्राथमिकता बनी हुई है। नेपाल की मदद के लिए भारत के पूर्वोत्तर के अन्य राज्य भी आगे आए हैं। असम और अरुणाचल प्रदेश की ओर से भी राहत सहायता भेजी गई है। भारत सरकार की ओर से भी नेपाल को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। सोमवार को सिक्किम की पहल के साथ नेपाल में जारी मानवीय सहायता अभियान को और मजबूती मिली है।