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सिक्किम की सियासत: मतदाताओं के मौन ने बढ़ाईं राजनेताओं की धड़कनें; 32 विधानसभा सीटों की तस्वीर कैसी? जानिए

Tue, 16 Apr 2024 06:37 AM IST
एन अर्जुन गंगटोक, अमर उजाला

सार

Sikkim Assembly Elections: सबसे ज्यादा रोचक मुकाबला नामची-सिंघीथांग सीट पर होगा। यहां सीएम तमांग की पत्नी कृष्णा कुमारी राय पूर्व सीएम पवन चामलिंग को टक्कर दे रही हैं। इसके अलावा तमांग दो विधानसभा क्षेत्रों सोरेंग-चाकुंग और रेनॉक निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव मैदान में उतर रहे हैं।
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डीआर थापा, प्रेम सिंह तमांग और पवन चामलिंग - फोटो : अमर उजाला/ एएनआई / फेसबुक @BeautifulSikkim
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विस्तार
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देश के पहले ऑर्गेनिक और प्राकृतिक रूप से शांत पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम में अभी तक चुनावी सरगर्मी उस तरह दिखाई नहीं दे रहीं, जैसे पहले दिखती थी। मतदाताओं का यह मौन राजनीतिक पार्टियों के दिल की धड़कनें बढ़ा रहा है। प्रेम सिंह तमांग की सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) दूसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है। वहीं, नौवीं बार विधानसभा के चुनाव मैदान में उतरे पवन चामलिंग की सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। वहीं, भाजपा ने मैदान में उतरकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। आइए जानते हैं सिक्किम में 32 विधानसभा सीट पर क्या तस्वीर बनती दिख रही है..

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चुनाव में इस बार सिक्किम की शांति सबको दिखाई दे रही है। चुनाव जैसा माहौल नहीं दिख रहा। यह कहना है शिक्षा पूरी करके आईटी का प्रशिक्षण ले रहे अपर बुरतुक के मनसंग का। वह कहते हैं, मतदाता जागरूक हो गया है। सोशल मीडिया से बहुत कुछ पता चल जाता है। नेताओं का भाषण सुनना जरूरी नहीं। वोटर साइलेंट हैं, बस जनता अभी नेताओं के दावों को देख और सुन रही है। नेताओं को इस बात का भ्रम है कि जनता कुछ देख, सुन नहीं रही है। वहीं, तेंजिंग कहते हैं, इतने वर्षों के बाद भी लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सड़क, बिजली और पानी आज भी नहीं मिल पा रहे। केंद्र सरकार से तो पैसा आता होगा, लेकिन विकास नहीं दिखता। मैं ड्राइवर हूं और पर्यटन यहां का मुख्य व्यवसाय है। सिक्किम विकास के लिए तरस रहा है। भ्रष्टाचार ने सिक्किम को बर्बाद कर दिया।


पूर्व सीएम को टक्कर देंगी सीएम की पत्नी
इस बार सबसे ज्यादा रोचक मुकाबला नामची-सिंघीथांग सीट पर होगा। यहां सीएम तमांग की पत्नी कृष्णा कुमारी राय पूर्व सीएम पवन चामलिंग को टक्कर दे रही हैं। इसके अलावा तमांग दो विधानसभा क्षेत्रों सोरेंग-चाकुंग और रेनॉक निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव मैदान में उतर रहे हैं।
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सिक्किम विधानसभा के समीकरण

  • कुल सीटें 32; बहुमत का आंकड़ा- 17

2019 के विधानसभा चुनाव परिणाम-
पार्टी            सीट     मत प्रतिशत
एसकेएम      17      47.03
एसडीएफ    15     47.63

2014 के विधानसभा चुनाव परिणाम-
एसडीएफ    22        55
एसकेएम     10     48.8
2009 के चुनाव परिणाम-
एसडीएफ    32    65.91 

सियासी सरगर्मियों के बीच सत्ता के दावेदारों का क्या कहना है?

हमने 5 साल की लोगों की सेवा

पूरा सिक्किम कह रहा है कि अबकी बार गोले सरकार। इसका कारण है पिछले पांच वर्षों में हमारी सरकार की ओर से की गई लोगों की सेवा। हमने जनता की बेहतरी के लिए काम किया और आगे भी करेंगे। अब तक इस तरह की सरकार राज्य में आई नहीं है। बाढ़ के समय सबसे पहले प्रभावित इलाकों में पहुंचने वाला मैं और मेरी पार्टी के लोग थे। -प्रेम सिंह तमांग, मुख्यमंत्री

कोविड और बाढ़ तो केवल बहाना

मुख्यमंत्री प्रेम तमांग इस समय राज्य में कोविड और बाढ़ का बहाना बना रहे हैं। कोविड क्या केवल सिक्किम में आया। बाकी राज्यों ने उसके बावजूद विकास के नए कीर्तिमान गढ़े। सिक्कम तो छोटा सा प्रदेश है। तमांग भ्रष्टाचार, पानी, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ, विकास, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से जनता को भटका रहे हैं। -डीआर थापा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

हमारा मकसद सिक्किम को बचाना

इस बार का सबसे बड़ा मुद्दा सिक्किम को बचाना। इस सरकार ने पूरे प्रदेश को एक तरह से बेच दिया है। विकास की जो नींव हमने रखी थी, उसको खत्म कर दिया। कानून व्यवस्था चरमराने लगी है। युवा बेरोजगार हैं। पर्यटन घट गया हैं। सड़कों का बुरा हाल है। हम इस बार सरकार बनाएंगे। -पवन चामलिंग, एसडीएफ प्रमुख, पूर्व मुख्यमंत्री

दशकों पुरानी राजनीति पर एक नजर
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1984 से कांग्रेस सत्ता से बाहर सिक्किम राज्य बनने के बाद कांग्रेस केवल दो बार ही सत्ता में आ पाई। 1975 से 1979 और फिर बीबी गुरुंग 14 दिन के लिए (11 मई 1984 से 25 मई 1984 तक) मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद फिर कभी कांग्रेस सिक्किम में लौट नहीं पाई। क्षेत्रीय दलों ने ही यहां पर राज किया। सबसे अधिक समय तक पांच बार (1994, 1999, 2004, 2009 और 2014) एसडीएफ के पवन चामलिंग मुख्यमंत्री रहे। 2019 में पहली बार तमांग के नेतृत्व में एसकेएम ने एसडीएफ को मात दी।
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