देश के पहले ऑर्गेनिक और प्राकृतिक रूप से शांत पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम में अभी तक चुनावी सरगर्मी उस तरह दिखाई नहीं दे रहीं, जैसे पहले दिखती थी। मतदाताओं का यह मौन राजनीतिक पार्टियों के दिल की धड़कनें बढ़ा रहा है। प्रेम सिंह तमांग की सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) दूसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है। वहीं, नौवीं बार विधानसभा के चुनाव मैदान में उतरे पवन चामलिंग की सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। वहीं, भाजपा ने मैदान में उतरकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। आइए जानते हैं सिक्किम में 32 विधानसभा सीट पर क्या तस्वीर बनती दिख रही है..
2019 के विधानसभा चुनाव परिणाम-
पार्टी सीट मत प्रतिशत
एसकेएम 17 47.03
एसडीएफ 15 47.63
2014 के विधानसभा चुनाव परिणाम-
एसडीएफ 22 55
एसकेएम 10 48.8
2009 के चुनाव परिणाम-
एसडीएफ 32 65.91
सियासी सरगर्मियों के बीच सत्ता के दावेदारों का क्या कहना है?
हमने 5 साल की लोगों की सेवा
पूरा सिक्किम कह रहा है कि अबकी बार गोले सरकार। इसका कारण है पिछले पांच वर्षों में हमारी सरकार की ओर से की गई लोगों की सेवा। हमने जनता की बेहतरी के लिए काम किया और आगे भी करेंगे। अब तक इस तरह की सरकार राज्य में आई नहीं है। बाढ़ के समय सबसे पहले प्रभावित इलाकों में पहुंचने वाला मैं और मेरी पार्टी के लोग थे। -प्रेम सिंह तमांग, मुख्यमंत्री
कोविड और बाढ़ तो केवल बहाना
मुख्यमंत्री प्रेम तमांग इस समय राज्य में कोविड और बाढ़ का बहाना बना रहे हैं। कोविड क्या केवल सिक्किम में आया। बाकी राज्यों ने उसके बावजूद विकास के नए कीर्तिमान गढ़े। सिक्कम तो छोटा सा प्रदेश है। तमांग भ्रष्टाचार, पानी, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ, विकास, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से जनता को भटका रहे हैं। -डीआर थापा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
हमारा मकसद सिक्किम को बचाना
दशकों पुरानी राजनीति पर एक नजरइस बार का सबसे बड़ा मुद्दा सिक्किम को बचाना। इस सरकार ने पूरे प्रदेश को एक तरह से बेच दिया है। विकास की जो नींव हमने रखी थी, उसको खत्म कर दिया। कानून व्यवस्था चरमराने लगी है। युवा बेरोजगार हैं। पर्यटन घट गया हैं। सड़कों का बुरा हाल है। हम इस बार सरकार बनाएंगे। -पवन चामलिंग, एसडीएफ प्रमुख, पूर्व मुख्यमंत्री